ताड़ीघाट-बारा मार्ग की बदहाली पर जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की उदासीनता से नाराज ग्रामीणों ने नवली गांव के पास मार्ग पर पानी लगे गड्ढे में धान की रोपाई की। कहा अब भी अधिकारी और जनप्रतिनिधि नहीं चेते तो वह आंदोलन को बाध्य होंगे। इस दौरान उन्होंने विरोध में नारेबाजी भी की।
धान की रोपाई करने के बाद आयोजित सभा में कुश सिंह ने कहा कि आवागमन की दृष्टि से यह मार्ग बेहद महत्वपूर्ण है। बावजूद इसके इसकी वर्षों से उपेक्षा की जा रही है। गड्ढों में तब्दील इस सड़क पर दुर्घंटनाओं में जहां कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। वहीं जाम की समस्या आम हो चुकी है। कई बार जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों को अवगत कराया गया लेकिन मार्ग की किसी ने सुधि नहीं ली।
चेतावनी देते हुए कहा कि अगर जल्द से जल्द सड़क की बदहाली दूर नहीं कराई गई तो ग्रामीण 30 जुलाई को फिर से सड़क की बदहाली के विरोध में आवाज बुलंद करेंगे।
इस अवसर पर पंकज सिंह, विनय पांडेय, शंकर शर्मा, अमित पांडेय, विकास प्रधान, सोनू सिंह, आलोक, विवेक, शिवम, प्रमोद, हरिहर सिंह के साथ ही काफी संख्या में लोग मौजूद थे।