राष्ट्रीय कार्यक्रम और टीबी जैसे महत्वपूर्ण अभियान में लापरवाही बरतने पर सीएमओ ने सीनियर ट्रीटमेंट सुरपरवाइजर (एसटीएस), सीनियर ट्रीटमेंट लैब सुपरवाइजर (एसटीएलएस) और ब्लाॅक प्रोग्राम मैनेजर (बीपीएम) के खिलाफ कार्रवाई करते हुए स्थानांतरण कर दिया है।
साथ ही कार्य में सुधार के लिए अंतिम चेतावनी जारी की है। सुधार न होने पर विभागीय कार्रवाई तय है। वहीं आकांक्षात्मक विकास खंडों और उपकेंद्रों पर 26 नए एएनएम की तैनाती की है। सीएमओ के सख्त कार्रवाई से स्वास्थ्यकर्मियों में खलबली मची है।
जिले को क्षय रोग मुक्त बनाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। प्रत्येक मरीज की स्क्रीनिंग करने के अलावा जांच के साथ डाटा फीडिंग तक का सख्त निर्देश संबंधित विभाग के कर्मियों को दिया गया है।
बावजूद इसके इस महत्वपूर्ण कार्य में लापरवाही बरती जा रही है। इस पर सीएमओ ने कार्रवाई शुरू कर दी है। रिपोर्ट में लापरवाही मिलने पर पांच एसटीएस और एसटीएलएस के अलावा पांच बीपीएम का स्थानांतरण किया गया है। साथ ही कार्य में सुधार लाने के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया है।
इसमें लापरवाही बरतने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी है। इसके अलावा आकांक्षात्मक विकास खंड देवकली, बाराचवर, रेवतीपुर के अलावा मुहम्मदाबाद, गोड़ुऊर, करंडा और जमानिया से संबद्ध ऐसे स्वास्थ्य उपकेंद्र, जहां लंबे समय से एएनएम के पद रिक्त चल रहे थे।
उसके 26 उपकेंद्रों पर इनकी तैनाती की गई है, जिससे वहां के मरीजों को बेहतर उपचार की सुविधा मिल सके।