केंद्र सरकार की ओर से एडवोकेट्स एक्ट 1961 में प्रस्तावित संशोधन 2025 को लेकर अधिवक्ताओं ने मंगलवार को रोष जताया। अधिवक्ता कचहरी से जुलूस निकालकर कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचे। वहां प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। अधिवक्ताओं ने प्रस्तावित संशोधन को काले कोट के खिलाफ काले कानून की संज्ञा दी।
सिविल बार एसोसिएशन और कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन के पदाधिकारी और अधिवक्ताओं ने कचहरी में विधेयक के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जुलूस निकाला। अधिवक्ताओं का जुलूस कलेक्ट्रेट परिसर, निबंधन कार्यालय और सरजू पांडेय पार्क होते हुए पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सामने पहुंचा। इसके बाद कलेक्ट्रेट परिसर में पहुंचकर डीएम आर्यका अखौरी को पत्रक सौंपा।
मुहम्मदाबाद : अधिवक्ताओं ने रोष जताते हुए जुलूस निकालकर सभा की। प्रधानमंत्री को संबोधित छह सूत्री मांग पत्र एसडीएम डाॅ. हर्षिता तिवारी को साैंपा। सेंट्रल और सिविल बार एसोसिएशन के सदस्यों ने चेताया कि हमारी संरचना और ताकत के साथ छेड़छाड़ हुई तो बर्दाश्त नहीं करेंगे। अधिवक्ताओं का जुलूस दीवानी न्यायालय से शुरू होकर तहसील परिसर में पहुंचा। जहां छह सूत्री मांगपत्र एसडीएम को सौंपकर निबंधन कार्यालय पहुंचे। वक्ताओं ने कहा कि सरकार को संशोधन विधेयक वापस लेना चाहिए अन्यथा अनिश्चितकालीन न्यायिक कार्य बहिष्कार किया जाएगा। अधिवक्ताओं की हड़ताल से कोर्ट में सन्नाटा पसरा रहा। दूरदराज से अपने मुकदमों की पैरवी के लिए आए वादकारियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। घंटों इंतजार के बाद निराश होकर घर लौटना पड़ा। इस मौके पर सिविल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रेम प्रकाश राय, स्टांप विक्रेता संघ के अध्यक्ष मनोज कुमार दुबे, चंद्र प्रकाश राय, दयाशंकर दुबे, अनिल कुमार राय सोनू, देवानंद भारती, रितेश राय आदि मौजूद रहे। अध्यक्षता सेंट्रल बार के अध्यक्ष विमल कुमार राय एवं संचालन आलोक कुमार राय ने किया।