कानपुर के पुखरायां में रविवार को भोर में इंदौर-पटना एक्सप्रेस ट्रेन हादसे ने ब्रह्मपुरा गांव के वर्मा परिवार के चार लोगों की जिंदगी छीन गई। हादसे ने उन्हें ऐसा जख्म दिया, जो ताउम्र नहीं भरेगा। घटना के दूसरे दिन गांव में शोक की चादर तनी रही। करंडा के ब्राहम्णपुरा गांव में एक ही परिवार के चार लोगों की मौत के बाद घर में मृत राकेश की भाभी अकेली चीख-पुकार रही है। गांव के लोग आंखों में मौत का दर्द लिए शवों के आने के इंतजार कर रहे हैं। परिवार के लोगों ने दो अन्य मृतकों की शिनाख्त सोमवार परिवार के सदस्य ने की थी। बाद में प्रतिभा तथा आरोही घटना स्थल से 15 किमी दूर एक अस्पताल में भर्ती मिली। अब भी परिवार की कौशल्या देवी की लाश नहीं मिली है।
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ट्रेन हादसे ने किसी मां से उसका लाल छीन गया, तो किसी सुहागन से उसका सुहाग। लेकिन ब्राह्मणपुरा गांव निवासी राकेश वर्मा के परिवार में एक साथ चार लोगों की मौत हो गई है। राकेश की मां कौशल्या देवी का शव अभी तक नहीं मिला है। जबकि मृत राकेश उसकी भाभी हेमवंती और भतीजी पूजा का शव वहां से लोग लेकर आ रहे हैं। जबकि परिवार की प्रतिभा और आरोही गंभीर रूप से घायल हैं। बता दें कि मृतक राकेश वर्मा का 22 नवंबर को तिलक और 26 नवंबर को शादी होने वाली थी।
लेकिन खुशियों के बीच मोबाइल पर आई सूचना ने परिवार सहित ग्रामवासियों का कलेजा दहला दिया। आंखों में उदासी लिए हर कोई एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत पर दुख व्यक्त कर रहा था। घर में अकेली मौजूद राकेश की भाभी नीलम वर्मा पूरी रात शांत वातावरण सिसकियां भरती रहीं। दूसरे दिन सोमवार को भी गांव में मातम छाया रहा। देर शाम तक लोग शवों के आने का इंतजार करते रहे। नीलम कभी दहाड़े मारकर चीखने-चिल्लाने लग रही थी, तो कभी पूरी तरह से गुमशुम हो जा रही थी।
पास-पड़ोस की महिलाएं उसे सांत्वना देने में जुटी थी। गांव के लोग आंखों में मौत का दर्द लिए शव आने का इंतजार कर रहे हैं। मोबाइल पर नीलम के पति निर्मल ने बताया कि रात 11 बजे तक शव गांव में पहुंचने की संभावना है। बताया कि शव आने के बाद अंतिम संस्कार गांव के चोचकपुर गंगा घाट पर किया जाएगा।