गाजीपुर। आने वाले दिनों में जनपद में खेती हाईटेक होगी। इसके लिए कृषि विभाग की ओर से कवायद शुरू कर दी गई है। ड्रोन से उर्वरकों व कीटनाशकों का छिड़काव किया जाएगा। यह कार्य आजीविका समूह की महिलाएं करेंगी। इससे उन्हें आर्थिक स्वावलंबन का लाभ मिलेगा। प्रथम चरण में जिले में सात ड्रोन दीदी की तैनाती की जाएगी।
जिले में साढ़े पांच लाख किसान हैं। ढाई लाख हेक्टेयर में विभिन्न फसलों की खेती होती है। अब तक अधिकांश किसान परंपरागत ढंग से ही कृषि कार्य करते हैं, लेकिन कृषि विभाग की ओर से निर्णय लिया गया है कि किसानों को वैज्ञानिक व तकनीकी ढंग से खेती करने के लिए प्रेरित किया जाए। इसके लिए जिले में सात ड्रोन दीदी का चयन किया जाएगा।
आजीविका समूह की महिलाएं खेतों में उर्वरकों व कीटनाशकों का छिड़काव करेंगी। विभाग की ओर से ड्रोन उनको निशुल्क दिया जाएगा। ड्रोन से उर्वरक व कीटनाशकों के छिड़काव के बदले संबंधित किसान ड्रोन दीदी को उनके पारिश्रमिक का भुगतान करेंगे। इससे किसानों व ड्रोन दीदी दोनों को आर्थिक रूप से फायदा होगा। एक एकड़ खेत में कीटनाशक व उर्वरकों का छिड़काव कराने के लिए किसानों को दो मजदूर रखने पड़ते हैं। ऐसे में कम से कम 500 रुपये का भुगतान करना पड़ता है। ड्रोन से यह कार्य कराने पर इतनी धनराशि किसानों को खर्च नहीं करनी पड़ेगी। साथ ही समय की भी बचत होगी। हालांकि अभी यह तय नहीं हुआ है कि ड्रोन दीदी के पारिश्रमिक का भुगतान कितना होगा। जल्द ही विभागीय स्तर पर इसको लेकर निर्णय लिया जाएगा।
प्रयागराज में दिया जाएगा प्रशिक्षण : आजीविका समूह की महिलाओं को ड्रोन संचालित करने का प्रशिक्षण प्रयागराज में दिया जाएगा। ड्रोन दीदी के चयन को लेकर जिला स्तर पर कमेटी का गठन कर दिया गया है, जिसकी अध्यक्ष डीएम आर्यका अखौरी हैं। इनके अलावा कमेटी में सीडीओ, डीडीओ, परियोजना निदेशक, इफको के एरिया मैनेजर, उद्यान अधिकारी, एलडीएम व नाबार्ड डीडीएम भी रहेंगे।
जिले में सात ड्रोन दीदी का चयन होने वाला है। इसके लिए जिलास्तरीय कमेटी का गठन हो चुका है। ड्रोन के जरिए आजीविका समूह की महिलाएं खेतों में उर्वरक व कीटनाशकों का छिड़काव करेंगी। अतींद्र सिंह, कृषि उपनिदेशक