जिला कारागार का निरीक्षण कर बाहर निकले अपराध निरोधक समिति के सदस्य।
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गाजीपुर। उत्तर प्रदेश अपराध निरोधक समिति के सदस्यों ने सोमवार को जिला कारागार का निरीक्षण किया। इस दौरान जेल में क्षमता से अधिक बंदी पाए गए जबकि 68 सिपाहियों की जगह सिर्फ 42 की ही तैनाती पाई गई। वहीं जेल की दीवार और चहारदीवारी जर्जर मिली।
उत्तर प्रदेश अपराध निरोधक समिति लखनऊ के चेयरमैन डा. उमेश शर्मा के निर्देश पर संगठन सचिव व जेल पर्यवेक्षक संजय श्रीवास्तव तथा अपराध निरोधक समिति के सदस्यों ने सोमवार को पहुंच कर वहां की स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान जेल में क्षमता से अधिक 906 बंदी मिले। इनमें 826 पुरुष और 32 महिला बंदी मिलीं। एक महिला बंदी के साथ एक बच्चा निरुद्ध है। पाया गया कि सुबह के नाश्ते में बंदियों ब्रेड-चाय व दोपहर भोजन में रोटी, चावल, अरहर की दाल, आलू-पालक की सब्जी दी गई थी। पैरोल से पांच बंदी वापस आ गए थे। डिप्टी जेलर कमल चंद ने बताया कि जेल के अंदर आने वाले लोगों की जांच की जाती है। कोरोना को ध्यान में रखते हए सैनिटाइज कराने के बाद भी लोगों को प्रवेश करने दिया जाता है। इस दौरान अपराध निरोधक समिति के प्रदेश संगठन सचिव संजय श्रीवास्तव, जोन सचिव मयंक कुमार सिंह, जेल पर्यवेक्षक अभिषेक सिंह, विशाल चौरसिया, अनुज अग्रवाल मौजूद रहे।