गहमर। करीब दो वर्ष पूर्व मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में शादी होने के बाद दहेज में तीन लाख रुपये की मांग पूरी न होने पर विवाहिता को प्रताड़ित कर घर से निकालने का मामला प्रकाश में आया है। रविवार को पीड़िता की तहरीर पर पुलिस ने पति सहित सात ससुरालियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्जकर छानबीन शुरू कर दी है।
प्रभारी निरीक्षक प्रमोद कुमार सिंह ने बताया कि सेवराई निवासी पीड़िता नीतू देवी ने तहरीर देकर बताया कि 30 जनवरी 2024 को उसकी शादी मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत गहमर निवासी लालबहादुर कुशवाहा के साथ हुई थी। पिता ने उपहार स्वरूप दो लाख रुपये, सोने की अंगूठी, चेन, बाइक आदि दी थी। नीतू देवी का आरोप है कि कुछ दिन बाद ससुराली मायके से तीन लाख रुपये दहेज में लाने का दबाव बनाने लगे। विरोध करने पर उसे प्रताड़ित किया जाने लगा। अक्सर गाली गलौज और मारपीट करने लगे। जानकारी होने पर पिता रिश्तेदारों के साथ ससुराल पहुंचे और समझाने बुझाने का प्रयास किया, लेकिन ससुराली मांगों पर अड़े रहे। 5 फरवरी की रात पति लालबहादुर, ससुर दीनानाथ कुशवाहा, सास उषा देवी, जेठ बीरबहादुर सिंह कुशवाहा, जेठानी सविता देवी, देवर विजय बहादुर और ननद राजकुमारी देवी ने उसे पीटकर घायल कर दिया। ससुरालियों ने कहा कि इसे पेट्रोल छिड़ककर जला दो। इस पर पीड़िता ने पिता को फोन पर सूचना दी। रात में ही माता-पिता गहमर स्थित पीड़िता के ससुराल पहुंचे। वहां ससुराल वालों ने उसके माता-पिता के साथ दुर्व्यवहार किया और उसे और उसके माता-पिता को भगा दिया। कोतवाल प्रमोद कुमार सिंह ने बताया कि तहरीर पर पीड़िता के पति, ससुर, सास, जेठ, जेठानी, देवर और ननद के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी गई है।