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Ghazipur News: शतभिषा नक्षत्र और कुंभ राशि में कल लगेगा खग्रास चंद्रग्रहण

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गहमर। सात सितंबर यानी रविवार को भादो मास की पूर्णिमा को खग्रास चंद्रग्रहण लगेगा, जो जनपद समेत गहमर क्षेत्र में भी दिखाई देगा।
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ग्रहण की अवधि तीन घंटे 30 मिनट की होगी। वाराणसी पंचांग अनुसार ग्रहण स्पर्श रात 9:57 से शुरू हो जाएगा और मोक्ष रात में 1:27 बजे होगा।
इसकी जानकारी देते हुए ज्योतिषाचार्यों पं.रामाकांत पाण्डेय, पं. नितिन द्विवेदी व महंत आकाश राज तिवारी ने बताया कि ग्रहण स्पर्श से नौ घंटे पहले दिन में 12:57 से सूतक काल शुरू हो जाएगा। इस दौरान भोजन करना, श्मशान भूमि में जाना एवं नए कार्य की शुरुआत करना तथा गर्भवती महिलाओं का घर से बाहर निकलना वर्जित रहेगा। ग्रहण सूतक दोष मान्य है, इसलिए मंदिरों के कपाट भी सूतक से पूर्व बंद हो जाएंगे। बताया कि ज्योतिषाचार्य के अनुसार यह चंद्रग्रहण शतभिषा नक्षत्र तथा कुंभ राशि में लगेगा।ज्योतिषाचार्यों ने बताया कि चंद्र ग्रहण कई प्रकार के होते हैं, जैसे खग्रास, खंडग्रास, कंकणाकृति, वलयाकार और संकरित ग्रहण। वर्तमान में सात सितंबर को जो चंद्रग्रहण लगने वाला है, वह खग्रास चन्द्रग्रहण होगा, जो पूरे भारत के अतिरिक्त अंटार्कटिका पश्चिमी प्रशांत महासागर, आस्ट्रेलिया, एशिया, हिंद महासागर, यूरोप और पूर्वी अटलांटिक महासागर में दिखाई देगा।
ये है खग्रास चंद्रग्रहण-वैज्ञानिकों के अनुसार, सौर मंडल में पृथ्वी समेत सभी ग्रह सूर्य के चारों ओर चक्कर लगाता हैं। चंद्रमा पृथ्वी का उपग्रह है, जो पृथ्वी के चारों ओर चक्कर काटता है। आधुनिक विज्ञान के अनुसार एक समय ऐसा आता है जब सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा तीनों सीध में होते हैं तथा सूर्य और चंद्रमा के बीच में पृथ्वी आ जाती है। जिसके कारण सूर्य की किरणें चंद्रमा पर नहीं पहुंच पाती है और चंद्रमा दिखाई देना बंद हो जाता है। इसी क्रिया को पूर्ण चंद्रग्रहण कहते हैं। कई बार चंद्रमा का कुछ हिस्सा दिखाई देता है, कुछ नहीं। ऐसे ग्रहण को खग्रास कहते हैं।
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ग्रहण का राशियों पर प्रभाव, करें मंत्र का जप-मेष-लाभ, वृष-सुख, मिथुन-मान नाश, कर्क-कष्ट, सिंह-पीड़ा, कन्या-सुख, तुला- चिन्ता, वृश्चिक-व्यथा, धनु-श्रीलाल सुख, मकर-हानि, कुम्भ-अरिष्ट एवं मीन-हानि। ज्योतिषाचार्यों ने कहा कि खराब फल राशि वाले ग्रहण न देखें, गलती से दिख जाए तो ओम नमः शिवाय मंत्र का जप करें।
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