वाराणसी-गाजीपुर फोरलेन सड़क पर मीरजापुर (क्यामपुर) में टोल प्लाजा का संचालन मनमाने तरीके से किया जा रहा है। इसका अंदाजा इससे भी लगाया जा सकता है तो टोल वसूलने के लिए एनएचएआई से हुए एग्रीमेंट पेपर तक को नहीं दिखाया जा रहा है।
जबकि इसके लिए कई बार डीएम से लेकर एआईजी स्टांप की ओर से नोटिस भेजा जा चुका है। वहीं, निबंधन विभाग को लाखों के राजस्व के नुकसान की आशंका है।
वाराणसी-गोरखपुर फोरलेन स्थित टोल प्लाजा पर अब तक तीन कंपनियां टोल टैक्स वसूली के लिए अनुबंध कर चुकी हैं। 20 अगस्त 2023 को आंध्र प्रदेश के डी. सूर्यनारायन रेड्डी की कंपनी ने अनुबंध पत्र उप निबंधन कार्यालय में जमा किया।
कंपनी द्वारा जमा किए गए अनुबंध पत्र के अनुसार, कंपनी रोजाना 14 लाख 63 हजार 786 रुपये का राजस्व एनएचएआई को दे रही थी लेकिन कंपनी ने यह अनुबंध केवल 100 रुपये के स्टांप पेपर पर किया था।
निबंधन कार्यालय के अनुसार जांच में 27 लाख 22 हजार 560 रुपये के स्टांप शुल्क की चोरी की बात सामने आई थी। जांच रिपोर्ट के आधार पर सहायक आयुक्त स्टांप ने स्टांप कमी का मुकदमा डीएम कार्यालय में दर्ज कराया था, जो कि विचाराधीन है। इसके बाद अब तक किसी कंपनी ने एग्रीमेंट पेपर ही नहीं दिखाया।
जबकि उसके बाद रायल दीप कॉन्टेक्शन ने अनुबंध किया था। अब आसनी रोड कैरियर नागपुर के मालिक प्यारे जिया खान की कंपनी यहां टोल वसूली रही है लेकिन कंपनी ने अब तक अनुबंध पत्र की काॅपी उप निबंधक कार्यालय में जमा नहीं की है। वहीं, रायल दीप कॉन्टेक्शन को दो बार टोल वसूली का ठेका मिल चुका है। पहली बार तीन माह का और दूसरी बार एक साल का अनुबंध था।
बोलीं डीएम
सोमवार को एक बार और रिमांइडर भेजा जाएगा। यदि इसके बाद भी अनुबंध पत्र की काॅपी उप निबंधक कार्यालय में जमा नहीं होगी तो आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- आर्यका अखौरी, जिलाधिकारी