गुरु पूर्णिमा का पर्व मंगलवार को मनाया जाएगा। गुरु को नमन करने के इस पर्व पर शहर के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित मठ एवं आश्रमों पर दिन भर गुरू पूजन की धूम रहेगी। इसके लिए एक दिन पहले ही तैयारी पूरी कर ली गई है।शहर के हंसयोग आश्रम, गोड़ा देहाती स्थित गायत्री शक्तिपीठ, राम-जानकी मंदिर, इंदल बाबा की समाधि, बौड़हिया मठ, कैथवलिया स्थित हनुमान मंदिर पर गुरु पूर्णिमा का पर्व धूमधाम के साथ मनाया जाएगा।
गुरु पूजन के इस पर्व की तैयारी पूरी कर ली गई है। जखनिया संवाददाता के अनुसार सिद्धपीठ हथियाराम मठ एवं सिद्धपीठ भुड़कुड़ा मठ पर गुरू पूर्णिमा की तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। मठों में साफ-सफाई के साथ ही तमाम इंतजाम किए गए हैं। इन सिद्ध पीठों पर गुरु की पूजा के निमित्त कई जिलों से श्रद्धालु आते हैं। मालूम हो की लगभग 650 वर्ष प्राचीन सिद्धपीठ श्री हथियाराम मठ एवं लगभग 500 वर्ष प्राचीन सिद्धपीठ भुड़कुडा मठ की कई शाखाएं हैं।
इन मठों पर गुरु पूर्णिमा का पर्व धूमधाम से मनाया जाता है। यहां दूर-दूर से आए शिष्य गुरू की पूजा कर उनसे आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। सिद्ध पीठ हथियाराम एवं भुड़कुड़ा मठ पर साफ-सफाई, पूजन-अर्चन की व्यवस्था पूरी कर ली गई है। सिद्धपीठ हथियाराम मठ के प्रबंधक डा. रत्नाकर त्रिपाठी ने बताया कि गुरु पूर्णिमा के अवसर पर सभी ब्रह्मलीन गुरुओं की पूजा के साथ वर्तमान पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर भवानीनंदन यति जी की पूजा कर शिष्य आशीर्वाद ग्रहण करेंगे।
इस अवसर पर सिद्धपीठ की ओर से गुरू पूजन के साथ ही विशाल भंडारे का आयोजन किया गया है। क्षेत्र की खराब सड़कों की वजह से शिष्यों को यहां आने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। जखनियां से सिद्धपीठ को जोड़ने वाली सड़कें खराब हो चुकी हैं। सैदपुर की तरफ से आने वाले मुख्य मार्ग भी गड्ढों में तब्दील हो चुके हैं।
इसकी वजह से गुरुपूजा करने आ रहे यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। इसके अलावा दिलदारनगर के गिरनार आश्रम और सैदपुर स्थित प्रसिद्ध मठों में दिन भर गुरु पूजन की धूम रहेगी।