गुरू पूर्णिमा का पर्व मंगलवार को मनाया जाएगा। इस अवसर पर शहर सहतित जिले के कई ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित मठ एवं आश्रमों पर विविध कार्यक्रमों संग गुरु की पूजा होगी । जिसकी तैयारी विभिन्न मठों व आश्रमों आदि में शुरू हो गई है। आयोजित कार्यक्रमों में दूरदराज से शिष्य आते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कें खराब रहने से उन्हें मठ तक पहुंचने में परेशानी होती है।
गुरु पूर्णिमा का पर्व करीब आते ही इसकी तैयारी जोरशोर से की जा रही है। शहर के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित मठ एवं आश्रमों पर इस अवसर पर विविध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसमें बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों के साथ ही दूरदराज से भी लोग आते हैं। जखनिया संवाददाता के अनुसार प्रसिद्ध सिद्धपीठ भुड़कुड़ा एवं सिद्धपीठ हथियाराम में शिष्यों की तरफ से तैयारी को लगभग अंतिम दिया जा रहा है ।
यहां दूरदराज से आने वाले लोग जखनिया तक ट्रेनों से आते हैें लेकिन जखनिया से 10 से 12 किलोमीटर की दूरी हथियाराम एवं भुड़कुड़ा मठ तक पहुंचने में खराब सड़क होने से उन्हें काफी परेशानी होती है। भुड़कुड़ा में गुरु पूजा की परंपरा काफी प्राचीन है। वर्तमान के पीठेश्वर शत्रुघ्न दासजी हैं जो समाधि पूजा के बाद मठ में आए शिष्यों के साथ गुरु पूजा संपन्न कराएंगे। सिद्धपीठ हथियाराम मठ में पवहारी भवानीनंदन यति जी महाराज की ओर से गुरु पूजा सम्पन्न कराई जाएगी ।
यहां विभिन्न जिलों के शिष्यों का जमावड़ा लगता है। इसके अलावा सैदपुर और दिलदारनगर क्षेत्र में भी गुरु पूर्णिमा का पर्व धूमधाम के साथ मनाया जाता है। जिसकी तैयारी चल रही है। यहां भी दूर दराज से लोग आते हैं और गुरु पूजा करते है। इसके अतिरिक्त जिले के अन्य स्थानों पर भी गुरु पूजा श्रद्धा के साथ मनाई जाती है।