विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर जिले के विद्युत
कर्मियों ने शनिवार को मंडल कार्यालय पर सभा कर हुंकार भरी। इस मौके पर
समिति के संयोजक निर्भयनारायण सिंह ने कहा कि निगमीकरण से पावर कारपोरेशन
को काफी घाटा हो चुका है।
विश्व बैंक ने अपनी रिपोर्ट में केंद्र सरकार से
स्पष्ट किया है कि यह प्रयोग पूरी तरह से विफल रहा है। इसलिए राज्य विद्युत
परिषद का गठन किया जाना उचित है। उन्होंने विश्व बैंक के रिपोर्ट के
आधार पर अविलंब राज्य विद्युत परिषद गठन की मांग सरकार से की।
जयंतीलाल ने
कहा कि सरकार विभाग में जो भर्ती करने जा रही उसमें प्राइवेट, संविदा एवं
मस्टररोल कर्मियों की संख्या लगभग 32 हजार हैं। उनको वरीयता के आधार पर
नियमित किया जाए। वीरबहादुर लाल ने वेतन विसंगतियों एवं पेंशन सेवा बहाल
करने की मांग की।
पीएन तिवारी ने कहा कि आंदोलन के अगले चरण में 24 जनवरी
को शक्ति भवन लखनऊ पर पूर्वांचल के मजदूर कर्मी अनशन करेंगे। अगर इसके बाद
भी सरकार नहीं चेती तो 10 फरवरी को विधानसभा का घेराव किया जाएगा। इसके साथ
ही हड़ताल की घोषणा की जाएगी।
इस मौके पर मुनव्वर अली, दिरगज सिंह, अजय
कुशवाहा, शशिकांत कुशवाहा, प्रवण सिंह, राजेेश गुप्त, सलीम, गुप्तेश्वर,
प्रेमचंद्र, शिवदर्शन सिंह, योेगेंद्र सिंह, रिंकू राय, उपेंद्र ओझा,
अरविंद कुशवाहा, इंद्रपाल सिंह, अबरार, संतोष, सुरेश सिंह आदि मौजूद थे।
अध्यक्षता गोरख सिंह ने की।