गेहूं की खरीद बढ़ाने के लिए तमाम जतन किए गए। इसके लिए निर्धारित अवधि एक पखवाड़ा बढ़ाने के साथ ही मोबाइल पर्चेज की कवायद भी की कई। इसके बावजूद जिले में खरीद लक्ष्य से कोसों दूर रही है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 29 जून तक 11867 मीट्रिक टन से कुछ अधिक की खरीद की जा सकी। यह लक्ष्य का करीब 15 फीसदी है।
शासन ने जिले को इस बार 83 हजार एमटी गेहूं की खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया था। इसके लिए विभिन्न संस्थाओं के कुल 73 क्रय केंद्र खोले गए थे। इसमें खाद्य विभाग के 17, पीसीएफ के 19, यूपीपीसीयू के 23, यूपीएसएस 11, भारतीय खाद्य निगम का एक तथा मंडी समिति से संबद्ध एफपीओ-एफपीसी के दो केंद्र खोले गए। किसानों को गेहूं का बेहतर मूल्य दिलाने के लिए इस बार समर्थन मूल्य में चालीस रुपये की वृद्धि की गई थी। खरीद शुरू से ही जोर नहीं पकड़ पाई। खरीद बढ़ाने के लिए मोबाइल पर्चेज की व्यवस्था की गई लेकिन ये कवायद भी रंग नहीं ला पाई। समर्थन मूल्य के बराबर बाजार भाव होने के कारण किसानों ने केंद्रों का रुख नहीं किया। इसका नतीजा यह हुआ कि केंद्र पर गेहूं की आवक काफी कम रही। निर्धारित अवधि तक लक्ष्य के सापेक्ष काफी कम खरीद होने पर शासन ने खरीद की तिथि एक पखवारा बढ़ाते हुए 30 जून कर दिया। इससे भी कोई विशेष लाभ नहीं मिला। 83 हजार एमटी की तुलना में 29 जून तक 11867.849 एमटी की खरीद की गई थी। यह कुल लक्ष्य का 14.30 प्रतिशत है। इसमें खाद्य विभाग ने 6681.582 एमटी, पीसीएफ 2362.249, यूपीपीसीयू 1808.481, मंडी समिति से संबद्ध एफपीओ-एफपीसी 52.250, यूपीएसएस 708.387 तथा भारतीय खाद्य निगम ने 254.900 एमटी की खरीद की है। सचल क्रय केंद्र से कासिमाबाद तहसील के छह किसानों से 193 कुंतल तथा जमानिया के पांच किसानों से 324 कुंतल की खरीद की गई।
जिले में 2863 किसानों से हुई खरीद
गाजीपुर। जिले में 2863 किसानों से 11867.849 एमटी की खरीद की गई है। इसमें खाद्य विभाग ने 1686, पीसीएफ 584, यूपीपीसीयू 361, मंडी समिति से संबद्ध एफपीओ-एफपीसी 15, यूपीएसएस 143 तथा भारतीय खाद्य निगम ने 74 किसानों से खरीद की। इनमें 2816 किसानों को 2358.26 लाख रुपये का भुगतान कर दिया गया है। 33.11 लाख रुपये का भुगतान अभी अवशेष है। पीएफएमएस से सत्यापन के बाद शेष किसानों को बिक्री किए गए गेहूं का भुगतान किया जा रहा है।
बीते वर्ष और 18-19 में हुई थी अच्छी खरीद
गाजीपुर। पिछले कुछ वर्षों में 2021-22 एवं 2018-19 में गेहूं की शानदार खरीद हुई थी। वर्ष 2017-18 में 109500 एमटी की खरीद के लिए 53 केंद्र खोले गए थे। उस दौरान 7117 किसानों से 39516.980 एमटी, वर्ष 2018-19 में 54500 एमटी के सापेक्ष 76 केंद्रों से 71235.007 एमटी की खरीद 14523 किसानों से की गई थी। वर्ष 2019-20 में 71500 एमटी की खरीद के लिए 67 केंद्र खोले गए थे। उस समय 8192 किसानों से 42067.063 तथा 2020-21 में 71500 एमटी की खरीद के लिए 57 क्रय केंद्र खुले थे। उस दौरान निर्धारित लक्ष्य की तुलना में 3992 किसानों से 22533.382 एमटी एवं 2021-22 में 58 क्रय केंद्रों पर 78355.536 एमटी गेहूं की खरीद 17525 किसानों से की गई थी। इस वर्ष लक्ष्य निर्धारित नहीं था।
क्रय किए गए गेहूं का भंडारण एफसीआई के गोदाम में किया जा रहा है। अवशेष किसानों का भुगतान पीएफएमएस से सत्यापन के बाद किया जा रहा है- रतन कुमार शुक्ला, जिला खाद्य विपणन अधिकारी