थाना पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम ने शनिवार की देर शाम मलसा-ढढ़नी मोड़ के पास हल्की मुठभेड़ के दौरान तीन लुटेरों को गिरफ्तार कर लिया। यह लुटेरे पुलिस को देखते ही बोलेरो छोड़ कर भाग रहे थे।
पुलिस ने उनके कब्जे से एक पिस्टल, तमंचा, कारतूस, नगदी तथा चोरी की बोलेरो और दो मोबाइल बरामद किया है। पकड़े गए लुटेरे कुछ दिन पहले हुई टैंकर लूट की घटना में शामिल बताए जा रहे हैं।
पुलिस कार्यालय में रविवार को दिन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण अनिल कुमार सिसौदिया ने बताया कि थानाध्यक्ष प्रवीण यादव पुलिस कर्मियों के साथ मेदिनीपुर तिराहा पर वाहन चेकिंग कर रहे थे। तभी मुखबिर ने सूचना दी कि कुछ लुटेरे बोलेरो से मलसा से ढढ़नी की तरफ जा रहे हैं।
सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आ गई और उसने मलसा-ढढ़नी मार्ग पर घेरेबंदी कर ली। उसी समय एक बोलेरो उधर से गुजरी। पुलिस कर्मियों ने उसे रुकने का इशारा किया तो बोलेरो सवारों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी और भागने लगे। पुलिस कर्मियों ने भी जवाबी फायरिंग करते हुए बदमाशों का पीछा शुरू कर दिया।
बदमाशों और पुलिस की लुकाछिपी देख्ा ग्रामीण भ्ाी सतर्क हो गए। वह दम साधे पुलिस की कार्रवाई को देख्ाते रहे।
पुलिस को चकमा देते हुए लुटेरे कुछ दूर जाने के बाद बोलेरो छोड़कर भागने लगे।
सतर्क पुलिसकर्मियों ने उन्हें दौड़ा कर धरदबोचा और गिरफ्तार कर लिया। तलाशी में बदमाशों के पास से एक तमंचा, एक पिस्टल, एक कारतूस, खोखा, चोरी की बोलेरो और दो मोबाइल बरामद किया गया। मानना है कि बरामद अधिकांश सामान चोरी के होंगे।
एएसपीआरए ने बताया कि पकड़े गए तीनों लुटेरे 6 जनवरी को देर रात मुगलसराय के अलीनगर से तेल लेकर बलिया जा रहे टैंकर को मलसा के पास लूटने की घटना में शामिल थे।
तीनों आरोपी आजमगढ़ के तरवां थाना क्षेत्र के कुजराव गांव निवासी विवेक मिश्र, बसंत मौर्य तथा भीम उर्फ अभय सिंह हैं। जबकि चौथा बदमाश भागने में सफल रहा।
लुटेरों को पकड़ने वाली पुलिस टीम में एसआई शिवप्रकाश पांडेय, पवन यादव, अनुज मौर्य आदि शामिल थे। टीम की इस कामयाबी पर पुलिस अधीक्षक राम किशोर ने पुलिस टीम को पांच हजार रुपये के पुरस्कार की घोषणा की है।