गाजीपुर। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट परीक्षा के घोषित परिणामों में इस बार जिले के राजकीय माध्यमिक विद्यालयों के छात्र टॉप-10 की सूची में स्थान नहीं बना सके। करीब पांच हजार से अधिक छात्र-छात्राओं वाले इन विद्यालयों का प्रदर्शन सवालों के घेरे में है, जबकि सरकार इन पर हर वर्ष करोड़ों रुपये खर्च कर रही है।
जिले में कुल 1014 माध्यमिक विद्यालय संचालित है। इनमें 96 अशासकीय सहायता प्राप्त, 890 वित्त विहीन और 28 राजकीय माध्यमिक विद्यालय संचालित हैं। इनमें 12 राजकीय इंटर कॉलेज (जिनमें 11 बालिका इंटर कॉलेज शामिल) और 16 राजकीय हाईस्कूल हैं। इतने बड़े नेटवर्क और संसाधनों के बावजूद टॉप-10 सूची में एक भी छात्र का नाम न होना शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता पर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। हालांकि वर्ष 2025 में जीजीआईसी की एक छात्रा और 2024 में राजकीय सिंटी इंटर कॉलेज का एक छात्र जिला स्तरीय टाॅपटेन की सूची में स्थान बनाने में सफल रहे थे।