सुहवल। थाना क्षेत्र के दो गांव के किसान फसल डूबने व गांव में पानी आने को लेकर शनिवार को आमने-सामने आ गए। सूचना पर पहुंची पुलिस व नहर विभाग के कर्मचारियों व अधिकारियों की सूझबूझ से मामला शांत हो गया। वजह अधियारां- बड़ौरा-सुगवलियां खुले माइनर में अधिक पानी छोड़ने से करीब तीस बीघा गेहूं, चना, मटर, जौ, मसूर सहित फसल जलमग्न हो गई थी।
अधियारां-बड़ौरा- सुगवलियां स्थित माइनर में क्षमता से अधिक पानी छोड़े जाने से किसान शिवमूरत, राममूरत, जिसवकुमार, देवमूरत, नजीर खां, नंदलाल, रामसहाय सिंह, रामराज कुशवाहा, झुलई कुशवहा, बूढा सिंह आदि दर्जनों किसानों की करीब 30 बीघा की गेहूं, चना, मटर, ईख, जौ, मसूर, चना विभिन्न फसलें जलमग्न हो गई है। वहीं सूचना पर नहर विभाग ने आनन-फानन में पानी को बंद कर दिया। दूसरी तरफ माइनर ओवर फ्लो पानी से सुगवलियां गांव के लोगों ने अपने घरों व गांव को बचाने के लिए बंधा बना दिया। इसकी जानकारी होते ही अपनी फसलों को बचाने के लिए किसान बनाए गए बांध को खोलने के लिए पहुंचे, तो सुगवलियां गांव के लोगों ने घरों और गांव में पानी जाने की बात कह खोलने से रोक दिया।माहौल बिगड़ने की जानकारी होते ही नहर विभाग के अवर अभियंता व पुलिस टीम मौके पर पहुंच लोगों को किसी तरह समझा-बुझाकर मामले को शांत कराया। सुबह बनाए गये बंधे को खोल पानी को रेलवे ट्रैक किनारे स्थित नाले से निकाल दिया गया। इसके बाद दोनों गांव के लोगों शांत हुए। इस संबंध में सिंचाई विभाग के अवर अभियंता चंदन कुमार ने बताया कि पानी क्षमता से अधिक नहीं छोड़ा गया था। फिलहाल पानी को बंद कर दिया गया है। पानी लगने का मुख्य कारण जलनिकासी की व्यवस्था नहीं थी, इसकी व्यवस्था के लिए नाले की सफाई कर दी गई है।