भदौरा स्थित एक विद्यालय में बाहर से आए युवकों की स्क्रीनिंग करते चिकित्सक।
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गाजीपुर। बाहरी राज्यों और महानगरों से आने वाले लोगों का सिलसिला अब भी बना हुआ है। पहले उन्हें जिला मुख्यालय पर ही रोककर थर्मल स्क्रीनिंग की जा रही है और संबंधित गांव भेज दिया जा रहा है। इसी प्रकार गांवों पर भी सीधे पहुंच रहे लोगों की जांच की जा रही है। अस्वस्थ पाए जाने पर लोगों को विभिन्न स्थानों पर क्वारंटीन भी किया जा रहा है।
सेवराई संवाददाता के अनुसार, बाहरी राज्यों और महानगरों में फंसे दर्जनों लोग रविवार को तहसील मुख्यालय पहुंचें। सभी की प्रशासनिक अधिकारियों के सामने थर्मल स्क्रीनिंग कराते हुए उनके स्वास्थ्य की जांच पड़ताल की गई। इसके बाद उन्हें बस स्टैंड स्थित एक निजी स्कूल में क्वारंटीन किया गया। लाकडाउन में क्षेत्र के विभिन्न गांव के लोग इलाहाबाद, झांसी, कोलकाता, अमेठी, चंदौली, मऊ, आजमगढ़ आदि गैर जिलों और गैर प्रांतों में फंसे हुए थे जिन्हें प्रदेश सरकार द्वारा विभिन्न बसों के माध्यमों से उनको तहसील मुख्यालय लाया गया। कुछ पैदल भी आ रहे हैं। रविवार को तय समयानुसार उप जिलाधिकारी सेवराई विक्रम सिंह, तहसीलदार घनश्याम की मौजूदगी में आठ बसों से करीब दो सौ मजदूर यहां पहुंचे। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भदौरा के प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. रविरंजन के नेतृत्व में चिकित्सीय टीम द्वारा थर्मल स्क्रीनिंग कराई गई। उपजिलाधिकारी ने बताया कि बाहर रह रहे मजदूरों को लाया जा रहा है। जांच के बाद स्वास्थ्य में कमी पाई जाती है तो उन्हें जिला मुख्यालय रेफर किया जाएगा। सादात संवाददाता के अनुसार, एक सप्ताह के अंदर सादात बाजार और इसके आसपास के गांवों में चोरी छिपे एक दर्जन से अधिक लोग मुंबई, गुजरात, पंजाब तथा अन्य स्थानों से आए हैं। कुछ बाइक, साइकिल और अन्य साधनों से घर पहुंचे हैं। इनकी जांच नहीं हो पाई है। पुलिस इनका पता लगाने में लगी हुई है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से प्राप्त जानकारी के अनुसार, यहां पर 118 लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग की गई। इसके बाद लोगों को घरों में 14 दिन के लिए क्वारंटीन किया गया। सादात में बाहर से आने वालों की संख्या 58 बताई जा रही है। ये लोग मुंबई, गुजरात, पंजाब, अहमदाबाद, हैदराबाद, नागपुर, बड़ौदा, जालंधर से आए हुए हैं।