गाजीपुर। रबी की फसलों की बोआई का समय चल रहा है, लेकिन किसान खाद के लिए समितियों व गोदामों का चक्कर लगा रहे हैं। कहीं खाद की अनुपलब्धता है तो कहीं केवल एक ही बोरी दी जा रही है। इससे बोआई प्रभावित हो रही है। जिला कृषि अधिकारी उमेश कुमार का कहना है कि जोत के अनुसार किसानों को खाद वितरित करने का निर्देश दिया गया है। 15 नवंबर के बाद जनपद में एक रैक डीएपी और आने वाली है। इसके बाद खाद की किल्लत नहीं होगी।
भीमापार : सहकारी समिति भीमापार पर डीएपी के वितरण में किसानों ने सचिव पर मनमानी करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि किसी को एक बोरी तो रसूखदारों को पांच बोरी खाद दी जा रही है। सहकारी समिति भीमापार पर पहली खेप में 400 बोरी डीएपी और 240 बोरी एनपीके आई है। डीएपी वितरण की जानकारी मिलने पर बड़ी संख्या में किसान पहुंच गए। किसानों ने आरोप लगाया कि मनमानी करते हुए कुछ लोगों को पांच -पांच बोरी खाद दी जा रही है। जबकि अन्य किसानों को बड़ी मुश्किल से एक बोरी डाई और एक बोरी एनपीके खाद वितरित की जा रही है।
मुहम्मदाबाद : किसान डीएपी के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं। क्षेत्र में आलू की खेती बड़े पैमाने पर होती है। बड़े किसान 20 से 50 बीघा आलू बोते हैं। उनको 80 से 100 बोरी तक डीएपी की जरूरत पड़ती है। लेकिन, खतौनी व आधार कार्ड लेकर प्रति किसान एक बोरी डीएपी का वितरण किया जा रहा है। जो किसान पूर्व में डीएपी प्राप्त कर लिए हैं, उनको अब नहीं दिया जा रहा है। निजी दुकानों पर 1500 रुपये प्रति बैग डीएपी धड़ल्ले से बिक रही है।
देवकली : ब्लाक के साधन सहकारी समितियों पर डीएपी नहीं मिलने से किसान परेशान हैं। गेहूं, चना, सरसों आदि फसलों की बोआई का कार्य शुरू होने वाला है, लेकिन डीएपी उपलब्ध नहीं है। कुछ साधन सहकारी समितियों पर खाद भेजा गया है, लेकिन पर्याप्त उपलब्ध नहीं होने से किसान मायूस हैं।
मशीन नहीं चलने से वितरित नहीं हो रही डीएपी
बहादुरगंज। क्षेत्र की साधन सहकारी समितियाें पर डीएपी का अभाव है। इससे किसान परेशान हैं। साधन सहकारी समिति बहादुरगंज, देवली और महुआरी तीनों समितियां पर डीएपी और एनपीके उपलब्ध है, लेकिन पास मशीन के न चलने के कारण किसानों को डीएपी नहीं मिल रही है। सचिव प्रमोद मौर्या ने बताया कि पास मशीन के माध्यम से ही किसानों को डीएपी और यूरिया दी जाएगी, लेकिन मशीन ओटीपी के अभाव में नहीं चल रही है।
रबी की फसल के दौरान 9343 एमटी खाद की जरूरत होती है। इस समय लक्ष्य के हिसाब से 300 एमटी कम खाद आई है। हालांकि एक रैक डीएपी और आने वाली है। इस समय किसानों को जरूरत के हिसाब से एक एकड़ पर इस समय एक बोरी खाद दी जा रही है। खाद की कोई किल्लत नहीं है।- अंशल कुमार, एआर कोऑपरेटिव