-प्रस्ताव भेजकर बजट मिलने का इंतजार कर रहा बिजली शिक्षा विभाग
संवाद न्यूज एजेंसी
गाजीपुर। जनपद के 236 विद्यालयों में बिजली की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में यहां पढ़ने वाले करीब 26 हजार छात्र-छात्राओं को उमसभरी गर्मी में पढ़ने को मजबूर हैं। हालांकि शिक्षा विभाग के अधिकारी उम्मीद जता रहे हैं कि वर्ष के तक तक इन विद्यालयों में भी बिजली की व्यवस्था करा दी जाएगी। इसके लिए प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है। काम शुरू कराने के लिए बजट का इंतजार हो रहा है।
वर्ष 2008 में सरकार ने परिषदीय विद्यालयों के विद्युतीकरण की कवायद शुरू की थी। इसके लिए शासन ने प्रत्येक विद्यालय में चार पंखे और बल्ब लगाने के लिए ग्राम शिक्षा निधि से करीब 32 हजार रुपए मुहैया कराए थे। इससे विद्यालयों में बल्ब और पंखे तो लगे, लेकिन कनेक्शन नहीं दिया गया। इसके कारण यह बल्ब और पंखे शोपीस बनकर रह गए।
आंकड़ों पर नजर करें तो जनपद में संचालित 2269 विद्यालयों में 236 ऐसे विद्यालय हैं, जहां विद्युतीकरण नहीं हो पाया है। हालांकि इन विद्यालयों में विद्युतीकरण कराने के लिए बजट आड़े आया है, जिसके लिए प्रस्ताव बनाकर भेजा है। वहीं, विद्युतीकरण न होने से इन विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को गर्मी और उमस के बीचर पढ़ाई करने को विवश होना पड़ रहा है।
40 मीटर से अधिक की दूरी हैं 202 विद्यालय
परिषदीय विद्यालयों को बिजली का कनेक्शन देना टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। वजह बहुत से विद्यालय ऐसे हैं जहां कनेक्शन देने के लिए विभाग को भारी भरकम बजट की जरूरत है। वजह विद्युत पोल विद्यालय से काफी दूर स्थित हैं। कनेक्शन देने के लिए कई पोल लगाने के साथ ही तार आदि खींचे जाने का खर्च अधिक आ रहा है। आंकड़ों पर नजर करें तो 236 में 202 ऐसे विद्यालय ऐसे हैं, जिनकी संख्या 40 मीटर से अधिक दूरी है, जबकि 34 विद्यालय ऐसे हैं, जिनकी दूरी 40 मीटर से कम है।
जनपद में 2269 परिषदीय विद्यालय हैं। इनमें 236 विद्यालयों में विद्युतीकरण नहीं हो पाया है। बजट के लिए प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है। उम्मीद है कि जल्द ही बजट मिल जाएगा।- हेमंत राव, बीएसए