बिरनो के मीरजापुर (क्यामपुर) में टोल प्लाजा के संचालन में लाखों रुपये के राजस्व के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। तीन बार नोटिस जारी होने के बाद भी दो कंपनियों ने उप निबंधन कार्यालय में अनुबंध पत्र जमा नहीं कराए हैं। वहीं, आंध्र प्रदेश की कंपनी ने महज 100 रुपये के स्टांप पेपर पर अनुबंध कर लिया था।
जांच में 27 लाख से अधिक की स्टांप चोरी उजागर हुई थी। यह मामला जिलाधिकारी कोर्ट के पास विचाराधीन है। वाराणसी-गोरखपुर फोरलेन स्थित टोल प्लाजा पर अब तक तीन कंपनियां टोल टैक्स वसूली के लिए अनुबंध कर चुकी हैं। 20 अगस्त 2023 को आंध्र प्रदेश के डी सूर्यनारायन रेड्डी की कंपनी ने अनुबंध पत्र उप निबंधन कार्यालय में जमा किया था। इसके बाद रायल दीप कॉन्टेक्शन ने अनुबंध किया था।
अब आसनी रोड कैरियर नागपुर के मालिक प्यारे जिया खान की कंपनी यहां टोल वसूली रही है लेकिन कंपनी ने अब तक अनुबंध पत्र की काॅपी उप निबंधक कार्यालय में जमा नहीं की है।
आंध्र प्रदेश की कंपनी द्वारा जमा किए गए अनुबंध पत्र के अनुसार, कंपनी रोजाना 14 लाख 63 हजार 786 रुपये का राजस्व एनएचएआई को दे रही थी लेकिन कंपनी ने यह अनुबंध केवल 100 रुपये के स्टांप पेपर पर किया था।
उप निबंधन कार्यालय के अनुसार, जांच में 27 लाख 22 हजार 560 रुपये के स्टांप शुल्क की चोरी की बात सामने आई थी।
जांच रिपोर्ट के आधार पर सहायक आयुक्त स्टांप ने स्टांप कमी का मुकदमा डीएम कार्यालय में दर्ज कराया था, जो कि विचाराधीन है। वहीं, रायल दीप कॉन्टेक्शन को दो बार टोल वसूली का ठेका मिल चुका है। पहली बार तीन माह का और दूसरी बार एक साल का अनुबंध था।