िधानसभा चुनाव का नामांकन कार्य शुरू होने में गिनती के दिन शेष रह गए हैं, लेकिन अभी तक जिले के कई बूथों पर न्यूनतम सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो सकी हैं। यहां बिजली, पानी, शौचालय और रैंप की सुविधा नहीं हैं। कई बूथ ऐसे भी हैं जहां जाने वाले मार्ग की हालत खराब है।विधानसभा का चुनाव जनपद में सातवें एवं अंतिम चरण में आठ मार्च को कराया जाएगा। मतदान को सकुशल संपन्न कराने की तैयारी जोर-शोर से की जा रही हैै। आयोग के निर्देशानुसार प्रत्येक मतदेय स्थल पर न्यूनतम सुविधाएं जैसे पानी, छाया, शौचालय, विकलांग मतदाताओं के लिए रैंप आदि होने चाहिए।
ये व्यवस्थाएं न होने पर संबंधित विभागों को उसे पूरा कराए जाने का निर्देश दिया है। लेकिन विभागों की लापरवाही के चलते तमाम बूथों पर ये सुविधाएं नहीं हैै। जिले के सात विधानसभा क्षेत्रों में 1601 मतदान केंद्र एवं 2591 मतदेय स्थल हैं। जिला प्रशासन द्वारा बूथों की सुविधाओं को लेकर कराए गए सर्वे के अनुसार 89 बूथों पर आज भी पेयजल की सुविधा नहीं है। इसी तरह 198 बूथों पर रैंप नहीं है। 143 बूथों पर शौचालय की सुविधा नहीं है।
इसके अलावा 1231 बूथों पर बिजली नहीं है जबकि 204 बूथों पर फर्नीचर की व्यवस्था नहीं है। 1266 बूथ ऐसे हैं, जहां शेड नहीं है। कई बूथों पर जाने के लिए मार्ग भी ठीक नहीं है।सभी बूथों पर जल्द से जल्द न्यूनतम सुविधा उपलब्ध कराने का जिलाधिकारी ने निर्देश दिया है। लेकिन संबंधित विभागों के रुचि न लेने के कारण सभी बूथों पर न्यूनतम सुविधाएं अभी तक सुनिश्चित नहीं हो सकी हैं जबकि नामांकन शुरू होने में गिनती के दिन शेष रह गए हैं। ऐसे में यह सुविधाएं अगले कुछ दिनों में पूरा होने की संभावना नजर नहीं आ रही है।