कोई उपभोक्ता अगर चाहे कि वह स्मार्ट मीटर में किसी प्रकार की छेड़छाड़ कर ले तो अब यह जुगत नहीं चल पाएगी। स्मार्ट मीटर से किसी प्रकार की छेड़छाड़ करने पर मैसेज तुरंत बिजली निगम के कार्यालय पहुंच जाएगा। इसके बाद बिजली निगम की टीम उपभोक्ता के घर या प्रतिष्ठान पर पहुंचकर जांच करेगी कि मीटर से किस तरह की छेड़छाड़ की गई है। जांच में पुष्टि होने पर उपभोक्ता के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
स्मार्ट मीटर आधुनिक तकनीक से लैस है। इसमें सिम के साथ चिप लगा हुआ है। किसी प्रकार की छेड़छाड़ करने पर चिप में एकत्रित डाटा बिजली निगम के डाटा सेंटर तक पहुंच जाता है। स्मार्ट मीटर से डाटा सेंटर तक रियल टाइम डाटा प्रवाहित होता है। अब तक परंपरागत मीटरों में काफी हद तक छेड़छाड़ की गुंजाइश रहती थी। कुछ उपभोक्ता बाईपास कनेक्शन तक कर लेते थे।
इससे बिजली चोरी को बढ़ावा मिलता था। इसका खामियाजा लाइन लॉस के कारण बिजली कटौती के रूप में ईमानदार उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा था। साथ ही बिजली निगम को भी राजस्व कम होने के कारण चूना लगता था। बिजली निगम के अधिशासी अभियंता बृजेश कुमार ने बताया कि स्मार्ट मीटर से छेड़छाड़ संभव नहीं है। ऐसा करने पर तुरंत सूचना मिल जाएगी।
अब तक 22 हजार से अधिक लग चुके हैं स्मार्ट मीटर
जिले में स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य आंध्र प्रदेश की कंपनी जीएमआर को दी गई है। कंपनी की तरफ से जिले में अब तक 22 हजार से अधिक स्मार्ट मीटर लग चुके हैं। वरीयता के आधार पर नगर निकायों, कस्बों, सरकारी कॉलोनियों में स्मार्ट मीटर लगाया जा रहा है।
तीन साल में कंपनी कुल 5.31 लाख स्मार्ट मीटर लगाएगी। कुल 30 टीमें स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य कर रही हैं। फीडरों से लेकर सरकारी कर्मियों के आवास पर भी स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं।