शहर कोतवाली के गौसाबाद के रुद्राणी माता मंदिर की कुंडी गैस कटर से काटकर
चोर सोमवार की रात रुद्राणी माता की करीब अष्टधातु की प्रतिमा चुरा ले गए।
यह मंदिर एक साल पुराना है लेकिन चोरी गई मूर्ति काफी प्राचीन थी। वह जमीन
की खुदाई में मिली थी।
लगभग एक किलो वजन की इस मूर्ति की कीमती लाखों
रुपये में आंकी जा रही है। मंगलवार की सुबह घटना की जानकारी होने पुलिस और
फोरेंसिक टीम ने पड़ताल की।
तीन दिनों में मंदिर में चोरी की यह तीसरी घटना
है। गहमर में करहिया स्थित कामाख्या धाम में 16 जनवरी को गणेश
प्रतिमा का चांदी का पत्तर चोर काट ले गए। कोतवाली क्षेत्र में 17 जनवरी की
रात कोतवाली क्षेत्र के हरिहरपुर कालीधाम में चांदी का मुकुट, सोने की
नथिया, मां काली की आंखों में मढ़ा सोने का पत्तर और दानपेटिका से रुपये
चोरी हो गए।
इन घटनाओं का अभी खुलासा नहीं हो पाया था कि चोरों गौसाबाद
गांव में रुद्राणी माता मंदिर को निशाना बना दिया। गांव में खुदाई के दौरान
अष्टधातु की रुद्राणी देवी की प्रतिमा निकली थी, जिसे एक साल पहले बने इस
मंदिर में स्थापित किया गया था।
मूर्ति प्राचीन होने के कारण मंदिर के
प्रति लोगों की जबरदस्त आस्था है। सोमवार की देर शाम पूजन-आरती के बाद
पुजारी अंशू यादव मंदिर में ताला बंद कर घर चले गए। देर रात चोरों मंदिर के
गेट की कुंडी गैस कटर से काटकर अंदर घुसे मां रुद्राणी देवी की अष्टधातु
की मूर्ति उठा ले गए।
मंगलवार की भोर में पुजारी के घर की नंदा देवी जब
मंदिर की सफाई करने गईं तो देखा कि कुंडी कटी है माता रुद्राणी की प्रतिमा
गायब है। उनका शोर सुन पुजारी परिवार के सदस्य और आसपास के लोग वहां पहुंच
गए। लोगों ने इसकी सूचना कोतवाली पुलिस को दी। प्रभारी निरीक्षक शहर
कोतवाली केके मिश्र एवं एसएसआई सुभाष सिंह
मौके पर पहुंचे। कुछ देर बार
फारेंसिक टीम के विवेक भी पहुंच गए।
मूर्ति की कीमत लाखों में बताई जा रही
है। पुजारी अंशू यादव ने बताया कि इस वर्ष पहली जनवरी को भी चोरों ने
मंदिर का ताला तोड़कर चोरी का प्रयास किया था। कोतवाल ने बताया कि तहरीर
मिल गई है। महत्वपूर्ण सुराग भी हाथ लगे हैं।