रेवतीपुर थाना क्षेत्र के तिलवां गांव में गुुरुवार की सुबह ओमप्रकाश यादव (28) की पेड़ से लटकती लाश मिलने से सनसनी फैल गई। इसकी जानकारी होते ही पुलिस मौके पर पहुंची तथा शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक के भाई ने प्रधानी चुनाव में रंजिश को लेकर हत्या का आरोप लगाया है, जबकि पुलिस इसे आत्महत्या मान रही है।
तिलवां गांव निवासी ओमप्रकाश बोरिंग का काम करता था। व्यवहारकुशल होने के कारण वह गांव में लोकप्रिय था। घरवालों की मानें तो ओमप्रकाश बुधवार की रात घर में खाना खा रहा था कि इसी बीच गांव के तीन-चार लोग आए और बुलाया। कुछ देर बाद ओमप्रकाश कुछ बताए बगैर लोगों के साथ चला गया। देर तक वह नहीं लौटा तो चिंतित हुए परिवार के सदस्यों ने घंटों तलाशा। गुरुवार की सुबह खेत जा रहे ग्रामीणों ने बगीचे में आम के पेड़ से फांसी पर शव लटकता देखा।
इसकी जानकारी होते ही गांव और परिवार के लोग जुट गए। सूचना मिलने पर पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया। पुलिस ने मामले को खुदकुशी बताया तो लोग नाराज हो गए। लोगों ने थाने का घेराव किया और ओमप्रकाश की हत्या की आशंका जताई। लोगों का कहना था कि पेड़ की जिस डाल से ओमप्रकाश का शव फांसी से लटका था वह जमीन से मात्र पांच फिट की ऊंचाई पर है। इतनी कम ऊंचाई पर फांसी लगाने से किसी की मौत नहीं हो सकती।
मृतक की पत्नी प्रियंका ने पुलिस पर आरोप लगाते हुये कहा कि हत्या को आत्महत्या का रूप देने के लिए पुलिस ने देवर शैलेन्द्र से जबरन आत्महत्या की बात लिखवाई है जो गलत है। उधर, ओमप्रकाश के छोटे भाई शैलेन्द्र ने आरोप लगाते हुए कहा कि उसके सबसे बड़े भैया मुन्ना प्रधानी का चुनाव लड़ने की तैयारी में जुटे थे। ओमप्रकाश उनकी मदद में लगे थे और प्रचार कर रहे थे। ओमप्रकाश का संबंध गांव में अच्छा होने के कारण गांव में बड़े भाई का जनाधार बढ़ रहा था। इसी से घबराकर कुछ लोगों ने सुनियोजित तरीके से ओमप्रकाश की हत्या कर दी।
जबरन आत्महत्या की तहरीर लेने का परिवार वालों का आरोप निराधार है। ओमप्रकाश की रात में पिता जंगबहादुर और मां जीरामुनी देवी से किसी बात पर विवाद हुआ था। इसी को लेकर उसने बगीचे में फंदे पर लटकर आत्महत्या कर ली। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। - दुर्गेश्वर मिश्र, थानाध्यक्ष रेवतीपुर