पिछले कई दिनों से चल रहा धूप-छांव का खेल मंगलवार की रात अच्छी बारिश के रूप में बदल गया। बुधवार को भी पूरे दिन बादल छाए रहने के साथ दिन में बादलों की गरज-चमक के साथ करीब आधा घंटा तक कहीं तेज बारिश तो कहीं फुहारों ने लोगों को भिगोया। बारिश से मौसम पूरी तरह से कूल-कूल हो गया।
बीते कई दिनों से मौसम का मिजाज तल्ख बना हुआ था। तेज धूप के साथ ही उमस भरी गर्मी से लोग बेहाल थे। हालत यह थी कि उनको घर के भीतर भी राहत नहीं मिल पा रही थी। मौसम की इस बेरुखी का असर शहर के साथ ही ग्रामीण क्षेत्र की बाजारों में भी दिखाई पड़ रहा था। झुलसाती गर्मी से परेशान लोग बारिश को लेकर आसमान की ओर टकटकी लगाए थे। इसी क्रम में मंगलवार को दिन में मौसम का मिजाज अचानक बदल गया। शहर के साथ ही कई ग्रामीण क्षेत्रों में कहीं तेज तो कहीं रिमझिम बारिश होने से मौसम खुशगवार हो गया। देर रात शुरू रिमझिम बारिश का सिलसिला बुधवार की सुबह तक जारी रहा। इसके बाद आसमान में बादल छाए रहे। दिन में एक बार फिर बारिश होने लगी। करीब आधा घंटे तक हुई बारिश से मौसम पूरी तरह से ठंडा हो गया। कृषि विज्ञान केंद्र पीजी कॉलेज गाजीपुर से प्राप्त आने वाले पांच दिनों के मौसम पूर्वानुमान के अनुसार घने बादल छाए रहने के साथ ही हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। चमक एवं गरज भी बनी रहेगी। तापमान में गिरावट होने के साथ अधिकतम तापमान 34 से 36 डिग्री सेंटीग्रेड एवं न्यूनतम तापमान 25 से 27 डिग्री सेंटीग्रेड के बीच रहने की संभावना है। मौधा संवाददाता के अनुसार मौसम विभाग ने 28 जून से अच्छी बारिश की संभावना जताई थी। इसलिए 29 जून को पूरे दिन धूप के दर्शन नहीं हुए। दिन भर काली घटाएं छाई रहीं। रुक-रुक कर रिमझिम बारिश होती रही। देर शाम शीतल हवाएं चलने से लोगों ने राहत महसूस की। दुल्लहपुर संवाददाता के अनुसार सुबह रिमझिम बारिश के साथ तेज हवा चलने से मौसम ठंडा हो गया था। इससे गर्मी से परेशान लोगों ने राहत की सांस ली। शादियाबाद संवाददाता के अनुसार बुधवार की सुबह हुई बारिश से उमस भरी गर्मी से लोगों को निजात मिली। शाम तक रुक-रुक कर हल्की बूंदाबांदी होती रही। दिन भर काले बादल आसमान में छाए रहे।
पेड़ गिरने से आवागमन बाधित
दुल्लहपुर। बुधवार की सुबह हुई बारिश के दौरान क्षेत्र में कई जगहों पर पेड़ गिर गए। जखनिया से दुल्लहपुर जाने वाले मार्ग पर पेड़ गिरने की वजह से लोगों को आने-जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। पेड़ की डाली काटने के एक घंटे बाद आवागमन सुचारु हो सका। इसी तरह कुछ अन्य क्षेत्रों में बिजली के तार टूट गए। इससे कुछ देर के लिए आपूर्ति बाधित हुई।
बारिश से मकान की दीवार गिरी
बहादुरगंज। सुबह से लगातार हुई बारिश से कस्बा बहादुरगंज के मुहल्ला चौक द्वार हनुमान मंदिर के पास संगीता खरवार के मकान की दीवार धराशाई हो गई। संयोग रहा कि दीवार बाहर की तरफ गिरने से किसी तरह की क्षति नहीं हुई। सुबह से ही लगातार बारिश होने के चलते परिवार के सभी सदस्य घर में ही मौजूद थे। अगर दीवार अंदर की तरफ गिरती तो जानमाल का नुकसान होने से इंकार नहीं किया जा सकता था। अंदर रखा खाने-पीने का सामान भीगकर नष्ट हो गया।
अब कृषि कार्य में आएगी तेजी
गाजीपुर। खरीफ सीजन की फसलों की बुआई बारिश के चलते आसान हो गई है। सब्जियों की फसल के लिए भी यह बारिश बहुत फायदेमंद है। किसानों ने बताया कि इस बारिश से अरहर, मूंग, उड़द, मक्का और ज्वार-बाजरा के साथ ही हरे चारे की बुआई में भी काफी मदद मिलेगी। लीची, अमरुद, आम तथा बेल वाली सब्जियों के लिए हल्की बारिश लाभकारी रहेगी। साथ ही धान की नर्सरी के लिए भी। इस वर्षा के बाद अब कृषि कार्य में तेजी आएगी।
खोदी गई सड़कों से निकलना हुआ मुहाल
गाजीपुर। मंगलवार की रात और बुधवार को दिन में हुई बारिश से एक तरफ जहां गर्मी से परेशान लोगों को राहत मिली, वहीं शहर के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों की कई सड़कों पर जल-जमाव हो गया। इस दौरान आवागमन कर रहे लोगों को फजीहत का सामना करना पड़ा। शहर में सीवर लाइन डालने को खोदी गई सड़कें बरसात में मुसीबत साबित हुई। खोदी गई सड़कों से निकलना मुहाल हो गया। सबसे ज्यादा नारकीय हालत उन मार्गों की रही, जो पूरी तरह से जर्जर हैं। पानी भरे गड्ढों से लोग हिलते-डुलते निकलते रहे। इस दौरान कई बाइक सवार अनियंत्रित होकर गिर भी गए। बारिश की वजह से अधिकांश ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों पर पानी लगने के साथ कीचड़ फैल गया। लोगों को इसके बीच से आवागमन करना पड़ा।
मौधा संवाददाता के अनुसार मंगलवार को हुई बारिश के चलते सैदपुर की सड़कों और गलियों की पोल खुल गई। बारिश के बाद सैदपुर का शायद ही कोई ऐसा इलाका होगा जहां पानी न लगा हो। नगर के अधिकतर हिस्सों में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।