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शहर में घुसा पानी, घिर गए लोग

Fri, 19 Aug 2016 11:11 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,गाजीपुर
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गंगा के जलस्तर में बढ़ोत्तरी शुक्रवार को पांचवें दिन भी जारी है। एक सेमी प्रतिघंटा की रफ्तार से जलस्तर में वृद्धि हो रही है। एक तरफ जहां कई दिनों से तटवर्ती इलाकों के दर्जनभर गांव पानी से घिरे गए हैं, वहीं शहर में भी गंगा का पानी घुस गया है। बाढ़ प्रभावित लोग आज भी घरों से पलायन कर रहे हैं। गंगा का रौद्र रूप देखे लोगों में यह चर्चा शुरू हो गई है कि वर्ष 2013 की तरह इस साल भी गंगा तबाही मचा सकती है।
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करीब एक माह से गंगा के जलस्तर में घटाव और बढ़ाव का सिलसिला चल रहा था। आठ अगस्त तक खतरा के निशान के नीचे बह रही गंगा नदी का जलस्तर 10 अगस्त से एकबार फिर तेजी से बढ़ने लगा। 12 अगस्त को गंगा नदी खतरे के निशान को पार करते हुए तटवर्ती इलाकों के दर्जनों गांव और बाड़ में घुस गई। इसके बाद भी लगातार जलस्तर में वृद्धि होती रही। शुक्रवार को भी एक सेमी प्रतिघंटा की रफ्तार से गंगा में बढ़ाव जारी रहा। नाला के माध्यम से शहर के नखास मुहल्ला में बाढ़ का पानी घुस गया। मार्ग पर पानी लगने से आवागमन करने वालों को परेशानियों का सामना करते हुए पानी के बीच से आना-जाना पड़ा। जिलाधिकारी आवास के पास पिछले कई दिनों से कई मकान बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं।


 उधर सुहवल, जमानिया, बारा, करंडा, जैतपुरा निषाद बस्ती सहित अन्य ग्रामीण क्षेत्रों के कई गांव बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं। एक तरफ जहां दर्जनों घरों के लोग प्राथमिक विद्यालयों और खुले आसमान के नीचे गुजर-बसर कर रहे हैं, वहीं गंगा के उफान को देख लोगों का अभी भी घरों से पलायन जारी है। केंद्रीय जल आयोग के कर्मचारी उमाशंकर राम ने बताया कि दिन में 12 बजे बढ़ाव 64.290 मीटर दर्ज किया गया। एक सेमी प्रति घंटा की रफ्तार जलस्तर में वृद्धि हो रही है। गहमर संवाददाता के अनुसार शुक्रवार को  गंगा का पानी गांव के साई का बेर और भैरो राय मुहल्ले के गंगा घाट रोड पर पहुंच गया है, जिससे बाईपास रोड से कामाख्या धाम जाने वाले लोगों को काफी कठिनाइयों का  सामना करना पड़ रहा है। साईं का बेर मुहल्ला में पानी घुस जाने से लोगों को भारी दिक्कत झेलनी पड़ रही है। भैरो राय मुहल्ला  के सीमेंट विक्रेता राजेश सिंह, दया शंकर सिंह ने बताया कि पानी से हम लोगों का काफी नुकसा हो गया। गांव  के पंचमुखी हनुमान मंदिर घाट स्थित संतोषी माता का मंदिर गंगा की बाढ़ की जद में आ गया है। किसी भी क्षण यह मंदिर गंगा में समाहित होने की कगार पर  पहुंच गया है।
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पंचमुखी हनुमान मंदिर घाट के पूरबी तरफ कटान काफी तेज हो रहा है। अगर इसी तरह पानी बढ़ता रहा तो इस घाट के पूरब तरफ की जमीन कटकर गंगा  में चली जायेगी। एक तरफ जहां गहमर के लोग बाढ़ से परेशान है, वही क्षेत्र के  कामाख्या धाम के पीछे का इलाका पूरी तरह से जलमग्न हो जाने से सैकड़ों एकड़  खेत डूब गए हैं, जिससे पशुओं के चारे की समस्या पैदा हो गयी है। कर्मनाशा नदीं भी विकराल  धारण किये हुए है। कर्मनाशा की बाढ़ से भतौरा, दलपतपुर, सायर, राजमल बांध आदि गांव के लोगों की मुसीबत कम होने का नाम नहीं ले रही है। किसानों की धान की खड़ी फसल  डूब गई है।  जमानिया संवाददाता के अनुसार ताड़ीघाट गरुमकसुदपुर, भगीरथपुर मलसा देवा, बैरनपुर, खावपुर सैय्यदराजा, देवरिया, सब्बलपुर, चित्तावन पट्टी, मथारा  ताजपुर, हरपुर, जीवपुर, मतसा,रघुनाथपुर, ताजपुर आदि गांव में भी बाढ़ का पानी घुस गया है। देवरिया पुलिस चौकी चारो तरफ से पानी से घिर चुकी है। पुलिस चौकी ग्राम  प्रधान ऊषा राय पत्नी कमलेश राय के दराजे पर वर्तमान समय में चल रही है। वहीं प्राइमरी पाठशाला चकमेदनी न-1 देवरिया खास बाढ़ के पानी से घिरा हुआ  है।  बाढ़ से घीरे बस्तियों के लोग धीरे-धीरे सुरक्षित स्थान पर पलायन कर रहे है। 
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