सियाचीन में 25 फीट बर्फ के नीचे 144 घंटे तक दबे रहने वाले लांस नायक हनुमनथप्पा की गुरुवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। उनके निधन की सूचना मिलते ही शोक की लहर दौड़ गई। विभिन्न शैक्षिक एवं राजनैतिक संगठनों की ओर से शोक सभा आयोजित कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
शहर के जयनगर कॉलोनी स्थित अवध पब्लिक स्कूल में विद्यालय के बच्चों ने प्रार्थना सभा आयोजित कर हनुमनथप्पा को श्रद्धा-सुमन अर्पित किया। इस अवसर पर प्रधानाचार्य किरन सिंह ने कहा कि लांस नायक ने देश की
सुरक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। हम देश वासियों को सेना पर नाज है। शहर कांग्रेस कमेटी के कार्यालय पर आयोजित शोक सभा में अध्यक्ष शफीक अहमद, डॉ. मारकंडेय सिंह, अखिलेश्व, मुहम्मद राशिद, आशुतोष गुप्ता,
अनुराग पांडेय, कुसुम तिवारी, ऊषा चतुर्वेदी मौजूद रहीं। युवा कांग्रेस कमेटी की बैठक में शोक व्यक्त करने वालों में अब्दुर राफेज्या, आशुतोष गुप्त, ओमप्रकाश भारद्वाज, शबीबुल हसन, विनोद, संतोष, रत्नेश पांडेय, शमशाद आलम, मंसूर
आलम राईनी, तनवीर आलम, शेर खान, अभिषेक पांडेय उपस्थित थे। बधवा पीरनगर स्थित माउंट लिट्रा जी स्कूल में प्रार्थना सभा आयोजित की गई। इसमें भारतीय थल सेना के नौ शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। लांस
नायक हनुमनथप्पा जो छह दिनों तक बर्फ में दबे हुए थे जिन्हे 9 फरवरी को बर्फ से जीवित बाहर निकाला गया था। छात्र एवं छात्राओं ने शहीद जवानों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। इस मौके पर निर्देशक मोहित श्रीवास्तव, प्रधानाचार्य डा. राजेश कारकून और विद्यालय का शिक्षक मौजूद रहे।