गाजीपुर। ट्रांसफाॅर्मर जलने की स्थिति में ग्रामीण क्षेत्रों में 48 घंटे के अंदर ट्रांसफाॅर्मर को बदलने का शासनादेश है। लेकिन, धरातल पर ऐसा नहीं हो रहा है। इसका एक उदाहरण नगर से सटे सुखदेवपुर चौराहे का है। यहां फुंके हुए ट्रांसफाॅर्मर को बदलने में छह दिन का समय लगा दिया गया।
छह दिन पहले सुखदेवपुर चौराहे का 63 केवीए का ट्रांसफाॅर्मर जल गया था। इससे 40 घरों और 12 दुकानें अंधेरे में रहीं। किसी तरह नया ट्रांसफाॅर्मर आया भी लेकिन उसे दो दिनों तक बगैर कनेक्शन किए रख दिया गया। शुक्रवार को दोपहर में नए ट्रांसफाॅर्मर का कनेक्शन किया गया, तब जाकर बिजली आपूर्ति बहाल हुई और लोगों ने राहत की सांस ली।
स्थानीय लोगों का कहना है कि ट्रांसफाॅर्मर पर लोड अधिक है। आटा चक्की से लेकर आइस फैक्ट्री और आरा मशीन तक संचालित होते हैं। ऐसे में ट्रांसफाॅर्मर पर लोड अधिक है।
दूसरी तरफ नगर के सब्जी मंडी फीडर से जुड़े कई मोहल्लों में बीते तीन दिनों से बिजली आपूर्ति की व्यवस्था लचर है। इन मोहल्लों में कब बिजली आएगी और कब जाएगी, इसका कोई समय निर्धारित नहीं है। गोलाघाट, स्टीमरघाट, नखास आदि मोहल्लों में मनमानी बिजली कटौती की जा रही है।