गाजीपुर। गाजीपुर सिटी स्टेशन के समीप गेट नंबर 27-28 के बीच रखे लकड़ी के बोटे से स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस अप टकराने की घटना को लेकर अधिकारी गंभीर है। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई कि हादसे के समय ट्रेन की रफ्तार करीब 100 किमी प्रति घंटे की थी। इतना ही नहीं, इमरजेंसी ब्रेक लगाने के बाद भी लकड़ी से इंजन टकरा गया। जिससे इंजन में फंसकर लकड़ी का बोटा घिसटते हुए करीब 400 मीटर आगे तक गया। इस दौरान 6 पेन्ड्राल क्लिप अलग-अलग दूरी पर रगड़ से निकल गए। वहीं, ट्रेन का इंजन भी फेल हो गया।
लोको पायलट की समझदारी से ट्रेन हादसे का शिकार होने से बची। वजह सौ के स्पीड और इमरजेंसी ब्रेक लगाने के बाद भी ट्रेन के मेन ट्रान्सफॉर्मर के आउटलेट पाइप का ड्रेन प्लग तक क्षतिग्रस्त हो गया था। इसके चलते ट्रांसफाॅर्मर आयल हैवी लीकेज होकर बह गया। हालांकि औड़िहार से दूसरा इंजन जाने के बाद ट्रेन को गाजीपुर सिटी स्टेशन ले जाया गया था।
संदिग्धों को उठाया, की पूछताछ
मामले की स्थानीय स्तर पर आरपीएफ, जीआरपी और सिविल पुलिस जांच कर रही है। घटना स्थल के आसपास के लोगों से पूछताछ की गई। इस दौरान कुछ संदिग्ध लोगों को उठाकर पूछताछ की। एसपी डॉ. ईरज राजा ने बताया कि मामले जांच की जा रही है। जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा।
रेलवे मंत्रालय ने भी घटना को लिया संज्ञान
गाजीपुर। एक सप्ताह में 20 कदम की दूरी पर दो घटनाओं को लेकर रेलवे मंत्रालय भी सख्त हो गया है। सूत्रों के मुताबिक रेलवे मंत्रालय ने भी घटना के बाबत जानकारी हासिल की है। सात ही विस्तृत रिपोर्ट भी मांगी है। माना जा रहा है कि यदि इसी हिसाब से कार्रवाई चलती रही तो कुछ लोगों पर गाज भी गिर सकती है। हालांकि पूरे घटनाक्रम पर सभी जिम्मेदार चुप्पी साध लिए हैं।