गाजीपुर। बभनौली स्थित पौराणिक महत्व वाले बिछुड़ननाथ धाम पर महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर सवा करोड़ पार्थिव शिवलिंग का पूजन-अर्चन और महा रुद्राभिषेक किया जाएगा। कार्यक्रम का शुभारंभ मंगलवार को मुक्तिकुटी से बिछुड़ननाथ मंदिर तक कलश यात्रा के साथ होगा। आयोजन तीन दिनों तक चलेगा।
हिंगलाज सेना की राष्ट्रीय अध्यक्षा साध्वी लक्ष्मीमणि शास्त्री और नीलमणि शास्त्री ने बताया कि इस तीन दिवसीय महा रुद्राभिषेक में सभी जाति और आयु वर्ग के युवाओं को यजमान बनने के लिए आमंत्रित किया गया है। नीलमणि शास्त्री ने बताया कि रुद्राभिषेक कार्यक्रम में प्रतिदिन देश के सुप्रसिद्ध महामंडलेश्वर, आचार्यगण और कथावाचक सत्संग करेंगे। अंतिम दिन 13 फरवरी को शाम 6 बजे से काशी रंगमंच कला परिषद सिधौना की अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त लीला टीम द्वारा शिव-पार्वती विवाह की झांकी और सीता स्वयंवर की लीला प्रस्तुत की जाएगी।
गंगा मिट्टी से बने शिवलिंग, 108 का निर्माण करेंगे श्रद्धालु
लक्ष्मीमणि शास्त्री ने बताया कि 10 से 12 फरवरी तक प्रतिदिन सुबह 9 बजे से शिवभक्त अपने हाथों से 108 पार्थिव शिवलिंग का निर्माण करेंगे। पूजन सामग्री धाम परिसर में श्रद्धालुओं को निशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। धाम में विश्व कल्याणार्थ गंगा मिट्टी से बने पार्थिव शिवलिंग का जलाभिषेक भी किया जाएगा।
मंत्री करेंगे शुभारंभ, कई राज्यों से आएंगे श्रद्धालु
मंगलवार को सुबह खाद्य सुरक्षा एवं आयुष राज्यमंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्रा वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ रुद्राभिषेक कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगे। आयोजन में शामिल होने के लिए ओडिशा, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, दिल्ली, गुजरात और पश्चिम बंगाल से बड़ी संख्या में शिवभक्त श्रद्धालुओं के आने की जानकारी दी गई है।