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तापमान गिरा, ठंड से ठिठुरे लोग

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नववर्ष के पहले दिन शनिवार को पूरे दिन धूप नहीं मिकली। सुबह के नौ बजे तक घना कोहरा छाया रहा। सर्द हवाओं के चलते गलन भरी ठंड में लोग ठिठुरते नजर आए। शनिवार को न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस था जो जनपद में आम दिनों के मुकाबले 5 डिग्री सेल्सीयस नीचे रहा। क्षेत्रीय मौसम विज्ञान की मानें तो अगले पांच दिनों बदली और घना कोहरा रहने के आसार हैं। इस बीच, बारिश की संभावना नहीं है। अधिकतम तापमान 20 से 21 डिग्री सेंटीग्रेड और न्यूनतम तापमान 7 से 9 डिग्री सेंटीग्रेड के बीच रहने के आसार हैं।
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वहीं, बढ़ती ठंड को देखते हुए नगरपालिका परिषद गाजीपुर ने नगर के चौक-चौराहों व सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलाने की व्यवस्था की है। पिछले एक माह से नगर में जगह-जगह अलाव की व्यवस्था नगर पालिका द्वारा कराई गई है। इधर, अचानक बढ़ती ठंड को देखकर नगर पालिका परिषद ने कुल 95 जगहों पर अलाव की व्यवस्था कराई है। नपा अध्यक्ष सरिता अग्रवाल ने बताया कि एन जनवरी से 95 स्थानों पर अलाव जलवा कर लोगों को सर्दी से निजात दिलाने का कार्य किया जा रहा है। इसके लिए कमर्चारियों को सख्त हिदायतें देते हुए कहा गया कि आम जनमानस को ठंड के मौसम में किसी तरहकी समस्या न होने पाये। जहां जरूत पड़े वहां अलाव की व्यवस्था की जाए। नगर पालिका परिषद के पूर्व अध्यक्ष विनोद अग्रवाल ने कहा कि ठंड व कोहरे को देखते हुए ठंड से राहत के लिए अलाव एवं शहर के तीन प्रमुख स्थानों स्टीमर घाट, रेलवे स्टेशन व आईटीआई चौराहा स्थित आश्रयस्थल पर रैन बसेरा का इंतजाम किया गया है।
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सरसों की फसल में आरा मक्खी के प्रकोप की आशंका
आगामी समय में घना कोहरा रहने के आसार है। ऐसे में किसानों को फसलों में कीट रोगों की निगरानी करनी चाहिए। सरसों की फसल में आरा मक्खी तथा बालदार सुंडी कीट का प्रकोप होने की आशंका है। ये बातें कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि वैज्ञानिक कपिल देव शर्मा ने कहीं। उन्होंने किसानों को एमामेक्टिन बन्जोइट 5फीसदी एस जी 200 ग्राम प्रति हेक्टेयर की दर से 500-600 लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करने की सलाह दी है। गेहूं की फसल में रोग कीट तथा खरपतवार नियंत्रण करें तथा सकरी व चौड़ी पत्ती वाले दोनों प्रकार के खरपतवार के नियंत्रण हेतु सल्फोसल्फुरान 75 फीसदी क 33 ग्राम प्रति हेक्टेयर 500-600 लीटर पानी में घोल बनाकर छिडकाव मौसम साफ़ रहने पर करें। साथ ही मुर्गियों के चूजों को ठंड से बचाने का उचित प्रबन्ध करें तथा लेयर फीड और सीप का चूरा दें।
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