सुहवल। करीब 25 करोड़ रुपये की लागत से तैयार पूर्व मध्य रेलवे का तारीघाट रेलवे स्टेशन यात्रियों को अब तक बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं करा सका है।
स्टेशन का संचालन शुरू हुए करीब दो वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन यहां न प्रतीक्षालय है, न बैठने के लिए पर्याप्त बेंच और न ही शौचालय की व्यवस्था।
इससे रोजाना सफर करने वाले सैकड़ों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यात्रियों अनीश, आशुतोष, सत्यप्रकाश, हरिपाल, सुनील और विनोद का कहना है कि प्लेटफॉर्म पर ट्रेन का इंतजार लंबे समय तक खड़े होकर करना पड़ता है।
गर्मी, बरसात और सर्दी के मौसम में यह समस्या और बढ़ जाती है।
सबसे अधिक परेशानी महिलाओं, बुजुर्गों और दिव्यांग यात्रियों को शौचालय नहीं होने से उठानी पड़ रही है।
उप प्रबंधक अरुण भूषण प्रताप सिंह ने बताया कि स्टेशन पर शौचालय और यात्रियों के बैठने के लिए बेंच व कुर्सियों की व्यवस्था कराने की प्रक्रिया चल रही है। इस संबंध में उच्चाधिकारियों से वार्ता हो चुकी है और जल्द ही आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। संवाद