जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में आतंकवादियों के हमले में शहीद हुए सीआरपीएफ के एसआई ओंकार सिंह का पार्थिव शरीर बुधवार को उनके पैतृक गांव लाया गया।
पार्थिव शरीर पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया। पूरे गांव के लोगों में उनके आवास पर पहुंचकर उन्हें अंतिम विदाई दी।
बाद में क्षेत्र के नरवा घाट पर शहीद का पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान सीआरपीएफ के अधिकारियों और जवानों ने शहीद को सलामी दी।
जवान के अंतिम संस्कार के समय वहां उपस्थित लोगों की आंखें नम हो गईं।क्षेत्र के करहिया गांव निवासी गोकुल सिंह के तीन पुत्रों में सबसे बड़े ओमकार सिंह (55) सीआरपीएफ की 90वीं बटालियन जी कंपनी में जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में तैनात थे।
सोमवार को वह सीआरपीएफ के एक अन्य जवान के साथ वहां स्थित पेट्रोल पंप के पास ड्यूटी कर रहे थे। इसी बीच आतंकवादियों ने हमला कर दिया। आतंकवादियों के हमले में ओमकार सिंह और एक अन्य जवान शहीद हो गए। बुधवार को शहीद का शव पहुंचते परिवार के लोग फफक कर रो पड़े।
शव आने की जानकारी होते ही गांव के लोगों की भीड़ लग गई। शहीद की पत्नी ऊषा देवी, पुत्र अरविंद, पुत्रियां रितु, ट्विंकल तथा पिता गोकुल सिंह और माता रामधारी की आंखों से आंसू नहीं थम रहे थे।
गांव के लोग परिवार के लोगों को सांत्वना देने में जुटे थे। बिलख रहे लोगों को ढांढस बंधाने वालों की आंखें नम हो गईं थी।
अंत्येष्टि से पहले सीआरपीएफ की डीआईजी डीके त्रिपाठी, कमांडेंट उदय प्रताप सिंह ने नरवा घाट पर शोक धुन के बीच शहीद जवान को सलामी दी।
इसके बाद शहीद के पुत्र अरविंद सिंह ने मुखाग्नि दी। इस दौरान सीओ राममोहन सिंह, थानाध्यक्ष हिमेंद्र सिंह, एसडीएम जमानिया कैलाश सिंह, पर्यटन मंत्री ओमप्रकाश सिंह के प्रतिनिधि मन्नू सिंह, रीतेश सिंह, सपा ब्लाक अध्यक्ष अशोक सिंह, जिला पंचायत सदस्य अशोक वर्मा, अयोध्या राम, अवधेश सिंह, जामवंत सिंह, विनोद, आदि ने श्रद्धांजलि अर्पित की।