शादियाबाद। जम्मू कश्मीर के गलेशियर में तैनात सेना के जवान रोशन यादव (31) की बीते 25 जनवरी को हृदयगति रूकने से मौत हो गई।बलिदानी का पार्थिव शरीर मंगलवार को पैतृक गांव कुनवान (अवदर) पहुंचते ही लाल को श्रद्धाजंलि देने वालों की भीड़ उमड़ पड़ी। सेना जवानों ने बलिदानी रोशन यादव को अंतिम सलामी दी।
गांव निवासी राजेंद्र यादव ने बताया कि सेना के जवान रोशन यादव में बचपन से ही राष्ट्र सेवा का जुनून था। इसी समर्पण के चलते वर्ष 2014 में उन्होंने भारतीय सेना ज्वाइन की थी। उनका विवाह वर्ष 2018 में कोतवाली क्षेत्र के फाक्सगंज निवासी शिखा यादव के साथ हुआ था।
बीते 25 जनवरी को जम्मू कश्मीर के गलेशियर में ड्यूटी के दौरान हृदयगति रूकने से निधन हो गया था। उनका पार्थिव शरीर हवाई मार्ग से दिल्ली और वहां से एंबुलेंस के जरिए पैतृक गांव लाया गया। देर शाम शहर स्थित श्मशान घाट पर सेना के जवान का अंतिम संस्कार किया गया।
घर पहुंचने पर सेना के जवानों द्वारा शहीद को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया और पूरे राजकीय सम्मान के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी गई। सेना के जवान रोशन यादव अपने पीछे एक भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनके परिवार में पत्नी शिखा यादव, पांच वर्षीय बड़ा पुत्र आरव और मात्र पांच माह का छोटा बेटा है। रोशन यादव अपने छोटे बेटे के जन्म के समय 5 महीने पहले ही छुट्टी पर घर आए थे। इसके अलावा उनके बड़े भाई प्रोफेसर डॉ. रजनीश यादव भी परिवार की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। पिता ने कहा कि पुत्र पर गर्व है।