गाजीपुर। गंगा नदी उफान पर है। इस कारण वर्ष 2023 का बाढ़ का रिकॉर्ड अब टूट गया है। वर्ष 2023 में बाढ़ का उच्च जलस्तर 61.700 मीटर था। वर्तमान में गंगा का जलस्तर 63.620 मीटर है। गंगा 3 सेमी की रफ्तार से बढ़ रही है। शनिवार को शाम 5 बजे रफ्तार 3 सेमी प्रति घंटे हो गया। खतरा बिंदु 63.105 से 515 सेमी ऊपर गंगा का जलस्तर अभी है। गंगा का जलस्तर इसी तरह से बढ़ता रहा, तो जल्द ही वर्ष 2024 के बाढ़ का रिकॉर्ड भी ध्वस्त हो जाएगा। वर्ष 2024 में बाढ़ का उच्च जलस्तर 63.670 मीटर था।
गंगा की तरह सहायक नदियों में भी उफान है। विशेष तौर से गोमती में। गंगा व गोमती के बढ़ाव के कारण पांच गांवों का संपर्क पूरी तरह से टूट गया है। नगर के ददरीघाट पर केवल तीन सीढि़यां शेष रह गई हैं। शेष सीढि़यां जलमग्न हो चुकी हैं। जनपद के निचले इलाकों में सब्जी की खेती पहले ही बर्बाद हो चुकी है। अब धान की फसल खतरे में है। रेवतीपुर क्षेत्र के उतरौली के पास ताड़ीघाट-बारा मार्ग के दोनों ओर 30 बीघा धान के खेत में पानी पसर चुका है। भांवरकोल क्षेत्र के मुबारकपुर से लेकर गहमर सिवान तक हुए कटान से 12 बिस्वा भूमि गंगा में समाहित हो गया। गंगा के पानी से धर्मपुरा, फिरोजपुर, मुबारकपुर घिरा हुआ है। गहमर : सेवराई तहसील क्षेत्र के वीरऊपुर, हसनपुरा व नसीरपुर गांव का संपर्क पूरी तरह से टूट गया है। तीनों गांवों में दो तरफ से रास्ता है। दोनों रास्तों पर बाढ़ का पानी पसर चुका है। मुख्य रास्ते पर 5 फीट पानी पसरा हुआ है। बाढ़ को देखते हुए 34वीं वाहिनी भुल्लनपुर वाराणसी की पीएसी आ चुकी है। पीएसी ने मोटरबोट के माध्यम से पेट्रोलिंग किया। रेवतीपुर-गहमर बाइपास मार्ग पर 800 मीटर के दायरे में 6 फीट तक पानी पसरा हुआ है। इसके कारण अब पैदल आवागमन भी बंद हो गया है। डेरा से किसान अपने मवेशियों को खेतों में पसरे पानी में तैराकर सुरक्षित स्थान की ओर ले जा रहे हैं। एक हजार बीघा खेत में पानी फैला हुआ है। इसमें से 50 बीघा बोई गई चरी नष्ट हो चुकी है। शेष खाली खेत हैं। वीरऊपुर, हसनपुरा, नसीरपुर बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं। इनके लिए तहसील प्रशासन की ओर से दो नावों की व्यवस्था की गई है। औड़िहार : औड़िहार समेत पटना, शादी-भादी, चकेरी, देवचंदपुर, फुलवारी, फुलवारी कला, जौहरगंज में 170 बीघा खाली खेत जलमग्न हो चुका है। पटना, शादी-भादी व फुलवारी कला बाढ़ के पानी से घिरा हुआ है। मुहम्मदाबाद। बच्छलकापुरा-सेमरा मुख्य मार्ग तक पानी पहुंच चुका है। सेमरा गांव के पश्चिम में गंगा का पानी बोल्डर पिचिंग के ऊपर से बह रहा है। शेरपुर के मौजा जलालपुर के पूर्व में मुबारकपुर के पास मल्लाह बस्ती के सामने तक पानी पहुंच गया है। इससे बस्ती के लोगों में चिंता बढ़ गई है। बच्छलकापूरा गांव के सामने पीपा पुल वाली सड़क से सेमरा गांव के तिराहे तक खेत जलमग्न हो गए हैं। बच्छलकापुरा, हरिहरपुर, तिवारीपुर, सेमरा, शेरपुर, फिरोजपुर, वीरपुर आदि गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है।
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कंपोजिट पाठशाला के परिसर में पहुंचा पानी
मौधा। गोमती नदी के बढ़ाव के कारण तटवर्ती इलाकों के किसानों में दहशत का माहौल व्याप्त है। क्षेत्र के तेतारपुर गांव में गोमती का पानी कंपोजिट पाठशाला के परिसर तक पहुंच गया। गोमती का पानी बढ़ने से अमेहता, गौरी, गोरखा, तेतारपुर, खरौना, गौरहट गांव के लगभग 70-80 बीघे जमीन पर पानी फैल गया है। वहीं तेतारपुर और गौरहट जाने वाले मुख्य मार्ग पर एक फीट पानी भरने से दोनों गांव का संपर्क टूट गया है।
गंगा में डुबकी नहीं लगाएंगे कांवड़ियां
गाजीपुर। गंगा के रौद्र रूप को देखते हुए कांवड़ियों की सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन गंभीर है। डीएम अविनाश कुमार की ओर से निर्देश दिया गया है कि ददरीघाट पर कांवड़िये गंगा में स्नान नहीं करेंगे बल्कि उनके लिए फव्वारा लगाया जा रहा है। फौव्वारे में कांवड़िये स्नान करेंगे। पाइप के माध्यम से गंगा जल कांवड़ में भरेंगे। इसके पीछे की वजह है कि ददरीघाट की लगभग सभी सीढि़यां डूब चुकी हैं। केवल गिनी-चुनी सीढि़यां शेष रह गई हैं। ऐसे में गंगा स्नान के दौरान हादसा हो सकता है। इसको लेकर घाट पर बैरिकेडिंग की जा रही है। डीएम अविनाश कुमार व एसपी डॉ. ईरज राजा ने ददरीघाट का निरीक्षण किया।
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बढ़ता रहा जलस्तर तो घिर जाएंगे 14 और गांव
गाजीपुर। गंगा में आए उफान के कारण जनपद के 10 गांव घिरे हुए हैं। इनमें सेवराई तहसील क्षेत्र का रामपुर, गोविंदपुर, हसनपुरा, नसीरपुर, नगदीलपुर, वीरऊपुर व सैदपुर क्षेत्र के पटना, शादी-भादी, चकेरी, फुलवारी कला शामिल है। करंडा : गंगा का जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो जल्द ही माहेपुर, मैनपुर, लखंचदपुर, करंडा, मानिकपुर, गोशंदेपुर, उचौरा, महाबलपुर, गड्डोदारा, बड़हरिया, करकटपुर, गजाधरपुर, जमुआव, सिकंदरपुर समेत 14 गांव बाढ़ के पानी से घिर जाएंगे। इससे सब्जी, बाजरा व धान की खेती प्रभावित होगी।
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शहर के नालों में तेजी से बढ़ रहा पानी
गाजीपुर। ददरीघाट, चीतनाथ, कलक्टरघाट, रामघाट, अंजनीघाट, पोस्ताघाट, खिड़की घाट, महादेवा, पत्थर घाट, डीएम आवास समेत शहर के अन्य नालों में बाढ़ का पानी तेजी से पसर रहा है। इसी तरह पानी पसरता रहा तो जल्द ही सड़कों पर पानी का फैलाव देखने को मिल सकता है।
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वर्षवार ऐसी रही बाढ़ की स्थिति
- वर्ष 2019 में बाढ़ का उच्च जलस्तर - 64.530 मीटर
- वर्ष 2021 में बाढ़ का उच्च जलस्तर - 64.680 मीटर
- वर्ष 2022 में बाढ़ का उच्च जलस्तर - 64.390 मीटर
- वर्ष 2023 में बाढ़ का उच्च जलस्तर - 61.700 मीटर
- वर्ष 2024 में बाढ़ का उच्च जलस्तर - 63.670 मीटर
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बाढ़ की स्थिति का मापदंड
सामान्य जलस्तर - 59.906 मीटर
चेतावनी बिंदु - 62.100 मीटर
खतरा बिंदु - 63.105 मीटर
बाढ़ का उच्च स्तर - 65.220 मीटर
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कुछ ऐसे बढ़ा गंगा का जलस्तर
समय जलस्तर रफ्तार
सुबह 9 बजे 63.340 मीटर 3 सेमी प्रति घंटे
दोपहर 1 बजे 63.500 मीटर 4 सेमी प्रति घंटे
शाम 5 बजे 63.620 मीटर 3 सेमी प्रति घंटे