शहर के बंधवा से विकास भवन को जाने वाली बदहाल सड़क। संवाद
गाजीपुर। शहर की 45 वर्ष पुरानी पेयजल पाइपलाइन बदलने के लिए जून 2025 में शुरू की गई अमृत योजना 2.0 अब समय और मौसम, दोनों से जूझ रही है।
नवंबर 2026 तक पूरी होनी वाली इस महत्वाकांक्षी परियोजना में अब तक केवल 59.53 प्रतिशत कार्य ही पूरा हो पाया है। यानी महज तीन महीने में शेष 40.47 प्रतिशत काम पूरा करना विभाग के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।
सबसे बड़ी बाधा लगातार हो रही बारिश है, इससे पाइपलाइन बिछाने का कार्य धीमा पड़ गया है। दूसरी ओर पहले से खोदी गई सड़कों की मरम्मत में लापरवाही ने लोगों की परेशानियां कई गुना बढ़ा दी हैं।
करीब 115.21 करोड़ रुपये की लागत से शहर में 215 किलोमीटर पाइपलाइन बिछाई जानी है। जल निगम अधिकारियों के अनुसार अब तक 128 किलोमीटर पाइपलाइन डाली जा चुकी है।
हालांकि जिस गति से खोदाई हुई, उसी अनुपात में सड़कों की मरम्मत नहीं हो सकी। अधिकांश स्थानों पर मिट्टी और गिट्टी डालकर खानापूर्ति कर दी गई, जो पहली ही बारिश में बह गई। नतीजा यह है कि शहर की कई प्रमुख सड़कों में गड्ढे बन गए हैं साथ ही कई जगहों पर हाल ही में बनी पिच उखड़ गई है।
शहर के बंधवा से विकास भवन को जाने वाली बदहाल सड़क। संवाद