अगर किसी व्यक्ति का नाम पंचायत एवं नगरीय निकाय दोनों की मतदाता सूची में दर्ज है, और अगर सामान्य रूप से पंचायत में निवास कर रहा है, तो उसका नाम नगरीय निकाय की मतदाता सूची से काट दिया जाएगा। निर्वाचन आयोग ने आदेश जारी कर कहा है कि बीएलओ की तरफ से यह ध्यान रखा जाए कि ग्रामीण क्षेत्र के मतदाता नगरीय निकाय की निर्वाचक नामावली में सम्मिलित न हो।
नगर निकाय का चुनाव वर्ष 2017 में प्रस्तावित है। वैसे तो चुनाव में अभी करीब एक वर्ष का समय है लेकिन इसकी तैयारी शुरू हो गई है।
आयोग की तरफ से पुनरीक्षण का कार्यक्रम घोषित कर दिया गया है। घोषित कार्यक्रम के अनुसार बूथ लेवल आफीसर (बीएलओ) की ओर से 15 से 25 जुलाई तक घर-घर जाकर गणना का कार्य किया जाएगा।
आयोग का कहना है कि पहली जनवरी 2016 तक 18 वर्ष या अधिक की आयु प्राप्त करने वाले अर्ह व्यक्तियों का नाम निर्वाचक नामावली में सम्मिलित किया जाएगा। जो मतदाता वर्षों से िकायों में सामान्य रूप से निवास नहीं कर रहे हैं, उनका नाम काट दिया जाए।