बादल छंटी और शुक्रवार को गुनगुनी धूप निकली। इसके बावजूद कड़ाके की ठंड
से राहत मिलना को दूर गलन और बढ़ गई। उत्तर-पछुआ हवाएं हाड़ को बेंध रही
हैं। गुरुवार की रात इस सीजन की सबसे सर्द रात रही। पारा छह डिग्री
सेल्सियस के न्यूनतम स्तर पर पहुंच गया।
इससे रजाई में भी कंपकंपी छूटती
रही। मौसम में आया बदलाव गेहूं, दलहन आदि रबी की फसलों के लिए फायदेमंद है
लेकिन सब्जियों को इम्तिहान के दौर से गुजरना पड़ता है। किसानों को तरकारी
को पाले से बचान के लिए सिंचाई और धुएं जैसे उपाय करने पड़ रहे हैं। मौसम
विज्ञानियों के मुताबिक सर्दी का तेवर अभी दो दिनों तक तीखे ही रहेंगे।
मौसम
विभाग के मुताबिक गुुरुवार की रात को पारा गिरकर छह डिग्री सेल्सियस तक
पहुंच गया था जबकि अधिकतम तापमान धूप निकलने के बावजूद शुक्रवार को 18
डिग्री सेल्सियस से ऊपर नहीं पहुंच पाया।
आसमान में हल्के बादल छाए हुए
हैं। दृश्यता 16 किलोमीटर होने के कारण शहर के बाहरी इलाकों में वाहनों की
रफ्तार थमी तो नहीं है लेकिन धीमी जरूर हो गई है। उत्तर-पछुआ हवा चल रही
है, जिससे सर्दी का एहसास गहरा हो गया है। प्रशासन ने 23 जनवरी तक स्कूलों
में छुट्टी घोषित कर दी है।
लोग घरों से बाहर निकलने से बचे रहे हैं, जिसके
चलते सड़कों पर सन्नाट पसरा हुआ है। अलाव से लोगों का लगाव बढ़ा है। रेलवे
स्टेशन, मिश्र बाजार, रोडवेज सहित तमाम प्रमुख स्थानों पर जल रहे अलाव के
गिर्द लोग बदन सेंकते नजर आ रहे हैं।
मौसम विज्ञानियों का कहना है कि
असमान में 31 फीसदी बादल छाए हुए हैं। बादल जैसे -जैसे छंटते जाएंगे गलन
बढ़ती जाएगी। फिलहाल दो दिनों तक मौसम के इस तेवर से राहत मिलती नजर नहीं आ
रही है।
ठंड को देखते हुए प्रशासन ने 23 जनवरी तक स्कूल बंद कर दिए हैं।
लोग जरूरी काम से ही घर से बाहर निकल रहे हैं। गहमर संवाददाता के मुताबिक
गंगा घाट, हनुमान चबूतरा, कामाख्या धाम मंदिर, थाना चौक, पकडी चौक, रेलवे
स्टेशन पर अलाव के इंतजाम नहीं होने की वजह से लोगों को परेशानी का सामना
करना पड़ रहा है।
सुहवल संवाददाता के मुताबिक सरसों, आलू, टमाटर, बैंगन,
मिर्चा की फसल को पाले से बचाने के लिए किसान सिंचाई कर रहे हैं
जबकि गेंहू, चना, मटर, मसूर, अरहर के किसान खुश हैं। जिला कृषि अधिकारी एस
के प्रजापति ने बताया कि आलू, दलहन में फफूंद लगने की आशंका है। ऐसे में
500 लीटर पानी में फफूंदनाशी दवा का छिड़काव करें।