-एम्बाज राइटिंग से उकेरा जाएगा नाम, उपरी हिस्से में कटिंगदार रहेगी आकृति
-सोनवल और गाजीपुर घाट स्टेशन पर लगेंगे पत्थर, कवायद शुरू
संवाद न्यूज एजेंसी
गाजीपुर। राजस्थान के लाल पत्थर पर सौ वर्षों तक सोनवल और गाजीपुर घाट स्टेशन का नाम चमकता रहेगा। एम्बाज राइटिंग से नाम उकेरा जाएगा। साथ ही उपरी हिस्से में कटिंगदार आकृति बनेगी, जो आस-पास के जनपद तो दूर पूर्वांचल में अन्य स्टेशनों पर नहीं है। इससे दोनों नए स्टेशनों की भव्यता और सुंदरता को चार-चांद लग जाएगा। इन स्टेशनों के प्लेटफार्म पर पत्थर का खंभा लग चुका है, अब प्लेट लगाने को लेकर कवायद शुरू हो चुकी है।
ताड़ीघाट- मऊ नए रेलखंड के प्रथम चरण सिटी रेलवे स्टेशन से सोनवल तक प्रथम चरण का कार्य पूर्ण हो चुका है। साथ ही सोनवल और गाजीपुर घाट नए रेलवे स्टेशन के निर्माण का कार्य तेजी से चल रहा है ताकि उद्घाटन में कोर-कसर न रह जाए। इसके साथ ही दोनों स्टेशनों की सुंदरता और भव्यता को चार चांद लगाने के लिए राजस्थान से लाए गए पत्थर का प्रयोग नाम दर्शाने के लिए किया जा रहा है।
नए स्टेशनों के प्लेटफार्म के दोनों तरफ लाल पत्थर की कटिंग करके खंभे को लगाने का कार्य किया जा रहा है। साथ ही खंभों के बीच में लगने वाले पत्थर की प्लेट की कटिंग भी चल रही हैं। इसके बाद एम्बाज राइटिंग से स्टेशनों का नाम उकेरा जाएगा, जिससे तेज गति से गुजर रही ट्रेन से यात्री आसानी से नाम पढ़ सकेंगे। यहीं सबसे ऊपरी हिस्से में दोनों तरफ पत्थर की ऐसी आकृति लगेगी, जिसे यात्री देखने के बाद स्टेशन की सुंदरता को समझ सकेंगे। रेलवे की ओर से दोनों स्टेशनों की सुंदरता को चार-चांद लगाने के लिए तरह-तरह के तकनीक और कलाकृतियों का प्रयोग किया जा रहा है, जो लंबे समय तक अपनी सुखद पहचान दे सकेगा।
राजस्थान के लाल पत्थर पर स्टेशन का नाम लिखा रहेगा। इसकी चमक इतनी रहेगी कि यात्री तेज रफ्तार ट्रेन से भी साफ नाम पढ़ सकेंगे। यहीं नहीं इस पत्थर पर लिखा नाम सौ वर्षों तक जस का तस बना रहेगा।- दिवेश ठाकुर, परियोजना निदेशक आरवीएनएल