नगरपालिका बोर्ड की नियमित बैठक नहीं होने, अनियमिततापूर्ण किए जा रहे कार्यों, अहम पत्रावलियां गायब करने, ठेकेदारों का भुगतान नहीं किए जाने तथा नियम विरुद्ध कि ए गए कार्यों के खिलाफ सोमवार को पालिका के सभासदों सहित आम नागरिकों का गुस्सा फूट पड़ा। नगर पालिका प्रशासन में व्याप्त भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने तथा अनियमिततापूर्ण किए गए कार्यों की जांच तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई सुुनिश्चित करने की मांग को लेकर तीन दिवसीय धरना प्रदर्शन शुरू कर हुंकार भरी गई। साथ ही नगर पालिका में महिला टॉयलेट न होने पर भी नाराजगी जताई गई।
धरनासभा को संबोधित करते हुए सभासद संजय सिंह ने कहा कि नगर पालिका के तानाशाही रवैये से विकास के कार्य ठप पड़े हैं। बोर्ड की नियमित बैठक नहीं बुलाई जा रही है। सभासद संदीप श्रीवास्तव ने कहा कि नगर पालिकाध्यक्ष की ओर से नियम विरुद्ध कार्य किए जा रहे हैं। विकास कार्यों के नाम पर करोड़ों रुपये की हेराफेरी की गई है। सभासद सरिता गुप्ता ने कहा कि नगर पालिका प्रशासन के नियम विरुद्ध कार्यों की जांच शासन स्तर पर की गई है, जिसका निस्तारण अभी तक नहीं हो सका है। नगर पालिका में महिला प्रसाधन की कोई व्यवस्था नहीं है। इसके लिए कई बार मांग की गई लेकिन चेयरमैन द्वारा इसे नजरअंदाज किया जा रहा है ।
सामाजिक कार्यकर्ता डा. अविनाश सिंह गौतम ने कहा कि लोग बिजली की किल्लत से जूझ रहे हैं लेकिन नगर पालिका की स्ट्रीट लाइटें जलती रहती हैं। नगर पालिका के अधिकारी और कर्मचारी शिकायतों का निस्तारण फर्जी तरीके से कर रहे हैं। नगर पालिका प्रशासन की उदासीनता के चलते ही नगर में सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। नगर पालिका द्वारा मनमाने ढंग से स्वकर लागू करके नगरवासियों के मकानों का हाउस टैक्स 10 गुना बढ़ा दिया गया है। धरना सभा में सभासद संजय वर्मा, सुनीता पांडेय, राजन सिंह, पूजा उपाध्याय, सतीश उपाध्याय, फिरोज जमाल, सरिता गुप्ता, जुलेखा बेगम, पिंकी कन्नौजिया, भाजपा नेता दुर्गा प्रसाद जायसवाल, विशाल पांडेय, आनंद तिवारी, उमेश श्रीवास्तव, शिवराम चौधरी आदि मौजूद थे।