जगदगुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती जी महाराज ने कहा कि हिंदू धर्म विचार नहीं बल्कि संस्कार है। हिंदू धर्म मानव जीवन को सहज ही ईश्वर और प्रकृति से जोड़ता है। हिंदू धर्म सर्वथा विरोधी सिंद्धातों का भी उत्तम एवं सहज समन्वय है। इस धर्म ने विभिन्न कालखण्डों में विभिन्न क्षेत्रों में अपने स्वभाव के अनुरूप अन्य धर्मों और धर्मावलंबियों को धर्मदर्शन के क्षेत्र में अपना सहयोग दिया।
वह सैदपुर के बिछुड़नाथ महादेव स्थित मुक्ति कुटी में सोमवार को प्रवचन कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हिंदू समाज की मजबूती से राष्ट्र और विश्व के साथ संस्कृति और प्रकृति मजबूत तथा सुरक्षित होगी। शिवालय से लेकर श्मशान तक हिंदू विचार मंगल कामनाओं और प्रकृति से जुटा है। हिंदू धर्म की मजबूती से सनातन परंपरा मजबूत होगी। समाज में हिंदुओं को बांटने की एक बहुत बड़ी साजिश की जा रही है। इससे सावधान रहें। प्रवचन कार्यक्रम के पश्चात स्वामी जगद्गुरू राघवेन्द्र पाठक के घर गए जहां उनका पादुका पूजन किया गया। उसके बाद फ रदहां में स्वामी जी का मार्ल्यापण किया गया जहां से वह काशी के लिए प्रस्थान कर गए।
इस मौके पर बालकृष्ण पाठक, राघवेन्द्र पाठक, रामभद्र पाठक, शिववचन बैरागी, अरूण प्रकाश सिंह, अंकित सिंह, प्रवीण सिंह, हिमांशु मिश्र, ब्रम्हप्रकाश पाण्डेय, डा. सोमकांत उपाध्याय, अजीत पाठक, प्रवीण सिंह, शिवपूजन चौरसिया, आनंद सिंह, राजकिशोर सिंह, जयप्रकाश सिंह उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन साध्वी नीलमणि शास्त्री तथा आभार कार्यक्रम की संयोजक हिंगलाज सेना की राष्ट्रीय अध्यक्ष सुश्री लक्ष्मीमणी शास्त्री ने व्यक्त किया। इस मौके पर गुजरात के मशहूर लोक गायक कानू भाई शिव लहरी और नैना बेन ने भजन भी प्रस्तुत किया।
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