सैदपुर के कपड़ा व्यवसायी अनिल लोहिया के पुत्र सुमित की हत्या आठ लाख रुपये का तगादा करने को लेकर हुई थी। सुमित ने अपने पड़ोसी व्यापारी को आठ लाख रुपये दिए थे। मंगलवार की रात सैदपुर स्थित मॉडल वाइन शॉप में
शराब पीने के दौरान उसने रुपये मांगे थे जिसको लेकर कहासुनी हुई थी। बुधवार की सुबह खानपुर थाना क्षेत्र के शादीभादी गांव में सुमित की लाश पाई गई थी। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस कार्यालय
में गुरुवार को एसपी वैभव कृष्ण ने प्रेसवार्ता के दौरान सुमित हत्याकांड का खुलासा किया।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि सुमित की हत्या का राजफाश करने के लिए खानपुर थानाध्यक्ष सम्पूर्णानंद राय, सर्विलांस
टीम के प्रभारी रितेंद्र सिंह, क्राइम ब्रांच टीम और सैदपुर एसएसआई जुटे थे। जांच के क्रम में पुलिस माडल शाप पहुंची, जहां हत्यारों का सुराग मिल गया और घटना के कुछ ही घंटे बाद ही पुलिस ने तीन हत्यारों को धर दबोचा। एसपी ने
बताया कि पड़ोसी दूकानदार प्रदीप चौरसिया ने सुमित से 8 लाख रुपये उधार लिये थे। सुमित बार-बार उस पर पैसा लौटाने का दबाव बनाता रहता था। रुपये न लौटाने पड़े, इसके लिए प्रदीप ने सुमित की हत्या का ताना-बाना बुनना शुरू
किया। इसी कड़ी में उसने मंगलवार रात सुमित को फोन करके सैदपुर कसबा में स्थित माडल वाइन शॉप में बुलाया। वहां शराब पीने के बाद अपने दो साथियों के साथ के साथ पेट्रोल पम्प पर तेल भरवाया और सुमित से पैसा देने की
बात कहते प्रदीप ने अपनी बाइक पर बैठा लिया, जबकि दूसरी बाइक पर मनोज और वकील सवार होकर साथ चल दिए। शादीभादी गांव पहुंचकर सभी ने पुलिया के पास बाइक खड़ा किया और तीनों ने लात-घूसों से सुमित की जमकर
पिटाई की। इसके बाद पत्थर से सिर पर वार कर दिया, जिससे सुमित की मौत हो गई। इसके बाद हत्यारों ने घटना को दूसरा रूप देने के लिए सुमित के शव को घसीटकर सड़क किनारे गड्ढे में उसकी बाइक के साथ फेंक दिया था।
गिरफ्तार लोगों में सैदपुर कसबा निवासी प्रदीप चौरसिया, खानपुर के बाइकोट निवासी मनोज यादव और यही के वकील यादव शामिल है। पुलिस ने इनके पास से हत्या में प्रयुक्त की गई बाइक, चार मोबाइल और 4160 रुपया बरामद किया।
पुलिस अधीक्षक ने मामले का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को पांच हजार रुपये के इनाम की घोषणा की है।