गाजीपुर। बारिश कम होने से किसानों को धान की खेती में सुखे की चिंता सताने लगी है। बारिश के सीजन में भी तापमान 36 डिग्री के पार पहुंचना और पखवाड़े भर से बारिश नहीं होने से सूखे की आशंका जताई जा रही है। कृषि विशेषज्ञ भी आशंका जता रहे हैं कि यही स्थिति रही तो धान की पैदावार प्रभावित होगा। अगर अगस्त माह में भी इंद्रदेवता मेहरबान नहीं हुए तो किसानों को सूखे की मार झेलनी पड़ सकती है। खेतों में इस समय धान के लिए पानी भरा जा रहा है लेकिन चिलचिलाती धूप और तेज गर्मी के चलते खेतों का पानी सूखने लगा है। साथ ही धूप से धान की फसल मुरझाने लगी है। कृषि विभाग के अनुसार जिले में एक लाख 62 हेक्टेयर क्षेत्रफल में धान की खेती की जाती है। इस वर्ष 29.98 प्रति हेक्टेयर उत्पादन का लक्ष्य रखा है। जिले में कुल 4 लाख आठ हजार किसान है, जबकि कृषि विभाग की वेबसाइट पर 5 लाख 27 हजार किसानों ने पंजियन कराया है। कृषि विभाग के अनुसार, जुलाई महीने में 292.2 मिमी औसतन बारिश होनी चाहिए। लेकिन अभी तक जुलाई महीने में सिर्फ 35.80 मिमी बारिश रिकार्ड की गई जो काफी कम है। जून महीने में लगातार बारिश होने से किसानों व विभाग के चेहरे खिल उठे थे लेकिन इसके बाद बारिश नहीं होने से चिंता सताने लगी है।
फिलहाल अभी सूखे के आसार नहीं है। बताया कि जितनी बारिश होनी चाहिए उतनी औसतन न होने से धान की फसलों के उत्पादन लागत बढने के साथ ही इसके उत्पाद पर भी असर पड़ सकता है। मृतुंजय सिंह, जिला कृषि अधिकारी