जिले में जनसंख्या स्थिरता के प्रति महिलाओं और पुरुषों को जागरूक किया जाएगा। जनसंख्या स्थिरता पखवाड़े को स्वास्थ्य विभाग इस बार दो चरणों में मना रहा है। पहला चरण 5 से 10 जुलाई और दूसरा चरण 11 से 24 जुलाई तक मनेगा।
लोगों को जागरूक करने के साथ ही विभाग परिवार कल्याण कार्यक्रम की भी जानकारी देने का काम करेगा। इसके तहत एएनएम और आशा अपने क्षेत्र के गांव के घरों का भ्रमण कर दंपती की सूची तैयार करेंगे और उन्हें जनसंख्या नियंत्रण के प्रति जागरूक करेगीं।
प्रदेश में परिवार कल्याण कार्यक्रम की उपलब्धियों के सापेक्ष कार्य कम होने के चलते केंद्र सरकार ने इस बार जनसंख्या स्थिरता के संबंध में जागरूकता बढ़ाने के लिए जिम्मेदारी निभाओ-प्लान बनाओ नई थीम पर कार्य करने का निर्णय लिया है।
पहले चरण में एएनएम और आशा अपने क्षेत्र के घरों का भ्रमण कर दंपतियों से संपर्क करने के साथ उनकी सूची तैयार करने का काम करेंगी। साथ ही परिवार नियोजन संबंधी गतिविधियों के बारे में लोगों को जागरूक भी करेंगी।
इसी चरण में जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर परिवार नियोजन के नए चिह्न प्रदर्शित करने के साथ दीवार लेखन के माध्यम से परिवार नियोजन के नए संदेशों को लिखने का काम किया जाएगा। 11 से 24 जुलाई तक चलने वाले दूसरे चरण के तहत परिवार नियोजन के संबंध में प्रचार-प्रसार के तहत स्वास्थ्य कर्मियों की तरफ से गांव-गांव जाकर पंपलेट का वितरण किया जाएगा।
साथ ही ब्लाक स्तर पर स्वास्थ्य मेले का आयोजन कर परिवार कल्याण संबंधी विभिन्न कार्यक्रमों की जानकरी दी जाएगी।
इस संबंध में जिला कार्यक्रम प्रबंधक प्रभुनाथ ने बताया कि जिले में चलने वाले जनसंख्या स्थिरता पखवाड़े के तहत महिलाओं और पुरुषों की सूची तैयार करने की जिम्मेदारी आशाओं और एएनएम को दी गई है। इसके बाद सूची के अनुसार योग्य दंपति को परिवार कल्याण कार्यक्रमों की जानकारी देने के साथ परिवार नियोजन के लिए प्रेरित भी किया जाएगा।