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Ghazipur News: जांच में नगर पालिका के दो ट्यूृबवेल का पानी मानक पर फेल, 700 मिला टीडीएस

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गाजीपुर। नगर के करीब 22 हजार उपभोक्ताओं को पेयजल की आपूर्ति के लिए करीब 32 ट्यूबवेल लगाए गए है। इनमें दो ट्यूृबवेल का पानी जांच में फेल हो गया है। नपा की ओर पेयजल की जांच के लिए बीते दिनों 32 नमूने जलकल विभाग के वाराणसी स्थित लैब भेजा गया था, जहां आई रिपोर्ट के अनुसार गोराबाजार इलाके में लगे दो नलकूपों के पानी में टीडीएस (टोटल डिसॉल्व्ड सॉलिड्स) करीब 700 मिलीग्राम प्रति लीटर मिला है, जबकि मानक 500 मिलीग्राम प्रति लीटर का है।
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इन दोनों ट्यूबेल से करीब दस मोहल्लों के 10 हजार से अधिक की आबादी को पेयजल की आपूर्ति की जाती है। नगर पालिका की ओर पांच जनवरी को शहर के करीब 32 ट्यूबवेलों के पानी से सेंपलिंग कराई थी। शहर में करीब 215 किमी. लंबी पाइप लाइन से करीब 22,000 हजार घरों में पेयजल की सप्लाई करीब 32 ट्यूबवलों और आठ ओवरहेड टैंकों के माध्यम से की जाती है।
इंदौर में दूषित पानी से कई लोगों की मौत के बाद नगर पालिका ने बीते 5 जनवरी को शहर क्षेत्र के करीब 32 ट्यूबवेलों के पानी का नमूना लिया और उसे जल निगम की लेबोरेटरी में जांच के लिए भेजा था।
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28 जनवरी को आई जांच रिपोर्ट में शहर के गोराबाजार और दुर्गा मंदिर (रविंद्रनाथ टैगोर पार्क) स्थित ट्यूबवेलों के पानी में टीडीएस की मात्रा 700 मिलीग्राम प्रति लीटर (पीपीएम) के करीब मिली है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार पानी में टीडीएस की मात्रा 300 मिलीग्राम प्रति लीटर होना चाहिए। वहीं, ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स (बीआईएस) के अनुसार इसकी मात्रा 500 मिलीग्राम प्रति लीटर मानी गई है।
शहर के इन मोहल्लों में होती है पानी की सप्लाई
इन दोनों ट्यूबवेलों से गोराबाजार स्थित 18 हजार केएल. क्षमता के ओवरहेड टैंक में पानी की सप्लाई की जाती है। इस ओवरहेड टैंक से शहर के गोराबाजार, मल्लाह टोली, पीरनगर, चौहान बस्ती, बड़ा महादेवा, छोटा महादेवा, पत्थर घाट, फाक्सगंज, हाथीखाना और ब्रह्मस्थान आदि मोहल्लों में पानी की सप्लाई की जाती है। इन इलाकों में करीब 10 हजार से अधिक की आबादी है जो इस पानी को प्रयोग में लाती है।

इससे पहले बीते 26 जून को ट्यूबवेलों के पानी की सैंपलिंग कराई गई थी। पांच जनवरी को कराई गई सैंपलिंग में गोराबाजार और दुर्गा मंदिर (रविंद्रनाथ टैगोर पार्क) स्थित ट्यूबवेलों के पानी में टीडीएस की मात्रा करीब 700 के आसपास है। जलनिगम की मानक के अनुसार 500 से 1000 पीपीएम टीडीएस का पानी पीने के लिए प्रयोग किया जा सकता है। - पूजा सिंह, जेई, नगर पालिका जलकल।
नगर पालिका प्रशासन ने इन ट्यूबवेलों की कराई थी जांच

नगर पालिका क्षेत्र में ट्यूबवेलों को दो भागों में बांटा गया है। इसके एक भाग में चांदमारी ट्यूबवेल-2 और 3, रिवर बैंक कॉलोनी, पीजी कॉलेज, गोराबाजार, दुर्गा मंदिर, विवेकानंद कॉलोनी, बड़ीबाग, लंका, अष्टभूजी कॉलोनी, टैक्सी स्टैंड, पीरनगर, डीएम आवास-2, कचहरी, नवापुरा है।
वहीं, दूसरे भाग में शहर के विशेश्वरगंज, आमघाट कॉलोनी, गांधीपार्क, नियाजी मोहल्ला, गोलाघाट, महाजन टोली, स्टीमर घाट, टाउस मिनी, टाउन- 1, खोदापुरा, लकड़ी का टाल, मोगलपुरा, रूई मंडी, कागदी महल, उर्दू बाजार, लोटन इमली नुस्दिनपुरा, रजदेपुर, चीतनाथ, किलाकोट ट्यूबवेलों के पानी की नगर पालिका प्रशासन ने जांच कराई थी। इन ट्यूबवेलों के पानी का सेंपल दुबारा 30 जनवरी को जांच के लिए भेजा गया है।

बीते कई वर्षों से पेयजल की समस्या से परेशान गोराबाजार मोहल्लेवासी
इन मोहल्ले के लोग बीते कई वर्षों से पेयजल की समस्याओं से पीड़ित है। इन इलाकों में बीते तीन वर्षों से सीवरेज और सिंचाई विभाग की पाइप के लिए सड़कों की खोदाई की जा रही है। ऐसे में गोराबाजार, मल्लाह टोली, पीरनगर, चौहान बस्ती, छोटा व बड़ा महादेवा, पत्थर घाट मोहल्लों में करीब 100 साल पहले अंग्रेजों के समय में बिछाई गई पाइप लाइन अक्सर क्षतिग्रस्त हो रही है। इसकी वजह से इन मोहल्लों से करीब 30 से ज्यादा शिकायतें हर महीने आती रहती है।

पानी का टीडीएस 500 से 1000 मिलीग्राम प्रतिलीटर होता है। नलकूप पुराने हो गए हैं। इस लिए टीडीएस बढ़ा है। नए नलकूपों का निर्माण कराया जा रहा है। - डीके राय, ईओ, नगर पालिका।
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