बिजली की चपेट में आने से बाइक सवार दंपती और आठ माह के मासूम की मौत हो गई थी। हादसे के दूसरे दिन शुक्रवार को मां-पुत्र एक साथ तो पिता की अलग अर्थी उठते ही पूरा गांव फफक उठा। ग्रामीणों की आंख नम हो गई। महिलाओं की चीत्कार से गांव में कोहराम मच गया। अर्थी देख जाे जहां था, वहीं खड़ा हो गया। घटना सुन उनकी आंख भर आई। जमानिया श्मशान घाट पर एक ही चिता सजी थी, जिस पर पति-पत्नी के शव को रखने के बाद बीच में मासूम का शव रखते ही वहां मौजूद लोग बिलख पड़े। मृतक के बड़े भाई ने जैसे ही तीनों को मुखाग्नि दिया, सभी का कलेजा फट गया।
नगसर हाल्ट थाना के सरहुला ससुराल से रविशंकर कुशवाहा (30) पत्नी सरोज कुशवाहा (27) और पुत्र अंकुश (8 माह) को बाइक से लेकर करमा गांव आ रहे थे। इस दौरान मां सरोज कुशवाहा के गोद में मासूम पुत्र बैठा था। जैसे ही बाइक सवार परिवार करमा गांव के मार्ग की तरफ घुमा बारिश और बिजली से बचने के लिए एक पीपल के पेड़ के पास खड़ा हुआ था। इसी दौरान तेज आवाज के साथ गिरी बिजली की चपेट में आने से तीनों की मौत हो गई। मां के साथ बैठा पुत्र अंकुश मृत अवस्था में भी गोद में ही पड़ा हुआ था। देर शाम पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद तीनों का शव परिजनों को सौंप दिया था। इधर मृतक के बड़े भाई संतोष कुशवाहा दिल्ली से चलने की जानकारी पर तीनों शवाें को घर पर ही रात में रखा गया था। बड़े भाई के पहुंचते ही तीनों के अंत्येष्टि की तैयारी शुरू हो गई। मां के साथ अर्थी पर मृत अवस्था में पड़े मासूम को देख लोगों का कलेजा फट गया। महिलाओं के करूण- क्रंदन से गांव में चीत्कार मच गया। ग्रामीण जैसे ही दोनों अर्थी लेकर गांव से निकले हर किसी की आंख भर आई। गांव ही नहीं क्षेत्र से आए लोग इस घटना से पूरी तरह सकते मेंं दिखाई पड़ रहे थे। बस उनके जुबान पर एक ही बात तैर रही थी कि आखिरकार ईश्वर ने यह क्या कर दिया। जमानिया श्मशान घाट पर भी अंत्येष्टि के दौरान गांव के अलावा क्षेत्र के लोगों की काफी भीड़ एकत्र थी।