गाजीपुर। जिले में शवों के लगातार मिलने के मामले में एक तरफ जहां प्रशासनिक अमला अलर्ट है। वहीं आईबी और खुफिया विभाग की टीम शवों का आंकड़ा खंगालने के साथ कारणों की रिपोर्ट भेजने में जुटी हुई है। शनिवार को भी करंडा थाना के चार गंगा घाटों पर छह तो जमानिया कोतवाली के दो गंगा घाटों पर दो उतराए शव मिले। पुलिस एवं प्रशासनिक टीम ने सभी शवों का ससम्मान अंतिम संस्कार कराया।
गंगा के किनारे शवों के मिलने का सिलसिला जारी है। ऐसे में बड़े पैमाने पर मिल रहे शवों के कारणों की तलाश करने में आईबी एवं खुफिया विभाग की टीम भी जुटी हुई है। प्रत्येक गंगा घाटों की जहां इनके द्वारा लगातार निगरानी की जा रही है। वहीं आए दिन मिल रहे शवों के कारणों की जानकारी लेने में जुटे हुए हैं। खुफिया विभाग के स्थानीय अधिकारियों की मानें तो जिले में प्रतिदिन बड़े पैमाने पर शव मिलने की प्रमुख वजह है कि लाख अंकुश के बावजूद लोग शवों का जल प्रवाह कर रहे हैं। यही नहीं गैर जिलों से भी शव बहकर आ रहे हैं। ऐसे में अगर गंगा में महाजाल लगाया जाए तो दस दिन में स्थिति नियंत्रण में आएगी।
इधर करंडा थाना क्षेत्र के चांड़ीपुर, सुआपुर और चोचकपुर गंगा घाट पर एक-एक कर तीन शव मिले हैं। जबकि चकेरी गंगा घाट पर तीन उतराए शव मिले। इन शवों का पुलिस द्वारा अंतिम संस्कार करा दिया गया। वहीं जमानिया के बलुआ घाट और बड़ेसर स्थित श्मशान घाट पर गंगा में उतराए दो शव मिले। सूचना पर पहुंचे तहसील कर्मियों ने दोनों शवों का अंतिम संस्कार कराया। इस संबंध में तहसीलदार घनश्याम ने बताया कि शवों को पानी से निकलवाकर ससम्मान अंतिम संस्कार करा दिया गया।