फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ब्लैक फंगस को लेकर चिकित्साधिकारियों को सतर्क रहने का निर्देश

विज्ञापन
विज्ञापन
गाजीपुर। कोरोना मरीजों में होने वाली एक अन्य खतरनाक बीमारी म्यूकर मायकोसिस (ब्लैक फंगस) ने स्वास्थ्य विभाग की परेशानी बढ़ा दी है। इसे लेकर स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। उसने सभी सीएचसी एवं पीएचसी के चिकित्साधिकारियों को इसे लेकर सजग रहने का निर्देश दिया है। हालांकि जिले में इसका एक भी मरीज अभी सामने नहीं आया है।
विज्ञापन

मालूम हो कि बीते दिनों शासन से हुई वीडियो कांफ्रेंसिंग में सीएमओ को इसके लिए निर्देश किया गया था। एसीएमओ एवं जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा. उमेश कुमार ने बताया कि अनियंत्रित मधुमेह रोगी, स्टेरायड के इस्तेमाल से रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाने तथा लंबे समय तक वेंटिलेटर में रहने और वोरिकोनाजोल थेरेपी से इस फंगस का संक्रमण होता है। ब्लैक फंगस के लक्षणों पर नजर रखें। इसकी अनदेखी कतई न करें। लक्षण होने पर शीघ्र चिकित्सक से परामर्श लें। स्टेरायड की मात्रा कम करें या बंद कर दें। बताया कि किसी मरीज में संक्रमण सिर्फ एक त्वचा से शुरु होता है, लेकिन यह शरीर के अन्य हिस्सों में फैल सकता है। उपचार में सभी मृत और संक्रमित ऊतक को हटाने के लिए सर्जरी की जाती है। कुछ मरीजों का ऊपरी जबड़ा या कभी-कभी आंख निकालनी पड़ जाती है। उपचार में एंटी-फंगल थेरेपी का चार से छह सप्ताह का कोर्स भी शामिल हो सकता है। चूंकि यह शरीर के विभिन्न हिस्सों को प्रभावित करता है, इसलिए इसके उपचार के लिए फिजीशियन के अलावा, न्यूरोलॉजिस्ट, ईएनटी विशेषज्ञ, नेत्र रोग विशेषज्ञ, दंत चिकित्सक, सर्जन की टीम जरूरी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें