राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत संचालित प्रदेश के राजकीय हाईस्कूलों के शिक्षकों को जल्द ही वेतन मिलेगा। इसके लिए शासन की ओर से 33 करोड़ का बजट स्वीकृत कर भेज दिया गया है। बजट से शिक्षकों-कर्मचारियों को करीब दो महीने का वेतन मिल जाएगा। जबकि एक महीने के वेतन के लिए उन्हें फिर इंतजार करना पड़ सकता है।
प्रदेश में राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत 1200 से अधिक राजकीय हाईस्कूल संचालित हैं। इन स्कूलों में करीब पांच हजार शिक्षक एवं कर्मचारी कार्यरत हैं। इन शिक्षकों को केन्द्र और प्रदेश की सरकार के बराबर सहयोग से शिक्षकों-कर्मचारियों को वेतन के लिए बजट उपलब्ध कराया जाता है।
बताया गया है कि केन्द्र सरकार की तरफ से बजट देर से उपलब्ध कराने के कारण शिक्षकों को वतन के संकट का सामना करना पड़ा है। जिले में कुल 13 राजकीय हाईस्कूल संचालित हैं। इनमें लगभग डेढ़ सौ से अधिक शिक्षक-कर्मचारी कार्यरत हैं। इनको मई महीने से वेतन नहीं मिला है। वर्तमान में जो बजट शिक्षकों-कर्मचारियों को वेतन देने के लिए उपलब्ध कराया गया है उसमें से जिले को 43 लाख रुपये प्राप्त हुए हैं। इस धनराशि से शिक्षकों एवं कर्मचारियों को तीन महीने का वेतन तो मिल जाएगा लेकिन बकाए एक महीने के वेतन के लिए उन्हें इंतजार करना पड़ जाएगा।
बजट की मांग को लेकर राजकीय शिक्षक संघ ने शिक्षा मंत्री, प्रमुख सचिव माध्यमिक शिक्षा को ज्ञापन दिया था। जिसमें कहा गया कि शिक्षक चार माह से वेतन नही मिलने से परेश्ाान हैं और उनके सामने भुखमरी की नौबत आ चुकी है। चेतावनी भी दी गई थी कि यदि समय से उन्हें वेतन नहीं उपलब्ध कराया गया तो वह आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। संघ के प्रांतीय प्रवक्ता राम अवतार यादव ने शासन की ओर से बजट उपलब्ध कराने पर प्रसन्नता व्यक्त की है। कहा कि एक महीने का जो वेतन बकाया हो रहा है उसके लिए सरकार से तत्काल बजट आवंटित करने की मांग की जाएगी।