शहर के जमानिया मोड़ स्थित सिंह लाइफ केयर हास्पिटल के सामने
राजेश यादव की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले की जांच करने
शनिवार को लखनऊ की फोरेंसिक और वाराणसी विधि विज्ञान प्रयोगशाला की टीम
पहुंची। घटनास्थल की जांच करने के अलावा टीम ने उस वार्ड में भी छानबीन की
जिसमें राजेश की मां भर्ती थी। साथ ही डॉक्टर कक्ष की भी गहनता से जांच की।
जांच करीब तीन घंटे तक चली।
पकड़ी, रेवतीपुर निवासी राजेश यादव की मौत
के मामले में उसके पिता आनंदी यादव ने 19 अप्रैल को चिकित्सक दंपती राजेश
और अनुपमा सिंह सहित पांच लोगों के खिलाफ हत्या और लूट का केस दर्ज कराया
था। इस मामले की जांच के लिए शनिवार की दोपहर 1 बजे लखनऊ की फोरेंसिक और
वाराणसी की विधि विज्ञान प्रयोगशाला की टीम जमानिया मोड़ स्थित सिंह लाइफ
केयर हास्पिटल पहुंची।
सबसे पहले टीम ने वार्ड के उस कक्ष की जांच की
जिसमें राजेश यादव की मां भरती थी। इसके बाद डाक्टर के उस कक्ष की गहनता से
जांच की, जिसमें राजेश और चिकित्सकों के बीच मारपीट होने की बात सामने आई
थी। टीम ने सड़क पर उस स्थान का भी मुआयना किया जहां राजेश का शव मिला था।
क्या राजेश की मौत दुर्घटना में हुई इसकी संभावनाएं जांचने के लिए टीम ने
राजेश यादव की कद-काठी के एक पुतला को डीसीएम से टक्कर मरवाया गया।
टीम ने
जांच में सामने आए तथ्यों के बारे में कुछ नहीं बताया। टीम अपनी जांच
रिपोर्ट बाद में एसपी को भेजेगी।
जांच टीम में फोरेंसिक साइंस
प्रयोगशाला के संयुक्त निदेशक लखनऊ सुरेंद्र कुमार रावत, साइंटिफिक
अधिकारी (एसओ) श्यामसुंदर, सहायक वैज्ञानिक अजय शुक्ला, फोटो प्रभारी अरुण
शुक्ला, विधि प्रयोगशाला वाराणसी के वरिष्ठ वैज्ञानिक एके तिवारी तथा
प्रभारी वैज्ञानिक विवेक कुमार शामिल थे। जांच के दौरान सदर
क्षेत्राधिकारी कमलकिशोर भी मौजूद थे।
जांच के दौरान रोक दिया आवागमन
राजेश
हत्याकांड की जांच के लिए फोरेंसिक की टीम ने राजेश की कद-काठी के पुतले
को जब डीसीएम से टक्कर मरवा रही थी तो उस दौरान मार्ग पर आवागमन रोक दिया
गया था। पुलिस कर्मिययों ने अस्पताल दोनों तरफ बाइक और चारपहिया वाहनों को
खड़ा करा दिया था, जिससे दोनों तरफ वाहनों की लाइन लग गई थी। करीब 25 मिनट
तक आवागमन बंद होने से आवागमन करने वालों को परेशानियों का सामना करना
पड़ा। कड़ी धूप में खड़े होकर उन्हें आवागमन शुरू होने का इंतजार करना
पड़ा।
क्या था मामला
राजेश यादव की मां तबीयत की खराब होने की
वजह से वह जमानिया मोड़ स्थित सिंह लाइफ केयर में भर्ती थी। 18 अप्रैल की
रात अस्पताल के सामने गाजीपुर-जमानिया मार्ग पर राजेश का शव मिला था।
परिवार के लोगों का आरोप था कि राजेश की हत्या कर शव सड़क पर फेंका गया है।
चिकित्सक दम्पत्ति सहित अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर घटना
के पांचवें दिन 24 अप्रैल जमानिया मोड़ पर चक्काजाम के दौरान पुलिस ने
महिला पर लाठियां भांजी थी। जिससे लोगों का गुस्सा फूट पड़ा था और उन्होंने
अस्पताल में तोड़-फोड़ और आगजनी के साथ ही पुलिस पर जमकर पथराव किया था।